मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव के घर छापेमारी, आयकर विभाग कर रहा जांच

इंदौर। आयकर विभाग के अधिकारी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी (निजी सचिव) प्रवीण कक्कड़ के घर छापेमारी कर रहे हैं। आयकर विभाग ने देर रात विजयनगर स्थित प्रवीण के घर तीन बजे यह छापा मारा ।
सूत्रों के मुताबिक विजयनगर स्थित उनके शोरूम सहित अन्य स्थानों की जांच की जा रही है। साथ ही बताया जा रहा है कि उनपर पहले से ही कई एजेंसियों द्वारा जांच चल रही थी। इससे पहले वो पुलिस अधिकारी थे तभी से उनपर कई जांच चल रही है। फिलहाल मामले के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार है।
आयकर विभाग की टीम ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के घर छापा मारा। देर रात 3 बजे 15 से अधिक अधिकारियों की टीम ने स्कीम नंबर 74 स्थित निवास पर छापा मारा। इसके साथ ही विजय नगर स्थित शोरूम सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि सर्विस के दौरान ही कई जांच चल रही थी। प्रवीण जब पुलिस अधिकारी थे तभी उनके खिलाफ कई मामले सामने आए थे।
बताया जा रहा है कि जब आयकर विभाग की टीम देर रात पहुंची तो प्रवीण कक्कड़ के परिवार के लोग घबरा गए थे। जब उन्हें पुख्ता हो गया कि ये सभी आयकर के अधिकारी हैं तो उन्होंने जांच में सहयोग किया।
प्रवीण कक्कड़ को पुलिस विभाग में रहने के दौरान उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। इसके बाद उन्होंने 2004 में अपने नौकरी छोड़ दी और कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बन गए। कहा जाता है कि 2015 में कांतिलाल भूरिया को रतलाम-झाबुआ सीट पर मिली जीत प्रवीण कक्कड़ द्वारा बनाई रणनीति से मिली। दिसंबर 2018 में वे सीएम कमलनाथ के ओएसडी बने थे।
कौन हैं प्रवीण कक्कड़
प्रवीण कक्कड़ ने साल 2004 में पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वो कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बन गए थे। कहा जाता है कि कांतिलाल भूरिया को रतलाम झाबुआ सीट से प्रवीण कक्कड़ द्वारा बनाई गई रणनीति की वजह से ही जीत मिली थी। दिसंबर 2018 में वो कमलनाथ के ओएसडी बने थे।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इनकम टैक्स के अधिकारी जगह-डगह छापेमारी कर रहे हैं। इससे पहले आंध्र प्रदेश में भी कई नेताओं के घर छापेमारी की गई थी। जिसका विरोध करते हुए सीएम चंद्रबाबू नायडू ने धरना दिया था और पीएम नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उनके इशारे पर ही ये छापेमारी की जा रही हैं।








