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फिर से आने वाले हैं शिवसेना भाजपा गठबंधन के अच्छे दिन

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राजनीतिक डेस्क। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना के बीच फिर से गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से दो टूक कहा है कि उन्हें आधी से ज्यादा सीटें और सीएम पद चाहिए, तभी आगे गठबंधन पर कोई बात बन सकती है.

महाराष्ट्र में अगले साल चुनाव होने हैं. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कुल 288 सीटों में से 152 पर लड़ने की बात कही है. ठाकरे चाहते हैं कि 136 सीटें ही बीजेपी के लिए छोड़े, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत सके. यही नहीं, शिवसेना प्रमुख ने सीएम पद पर भी अपना दावा किया है.

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना के एक नेता ने बताया, ‘यह हमारे लिए बहुत बड़ी भूल होगी. अगर बीजेपी केंद्र की सत्ता में वापस लौटती है तो फिर महाराष्ट्र में लोगों का मूड भी उसके अनुसार बदल जाएगा. ऐसे में शिवेसना का बीजेपी से अलग होकर चुनाव में उतरना बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.’

रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह ने उद्धव ठाकरे के इस प्रस्ताव पर कहा कि वह जल्दी ही मुलाकात करेंगे. फिर सीटों के बंटवारे को लेकर किसी फॉर्म्युले पर चर्चा होगी. बता दें कि बुधवार को शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से ‘मातोश्री’ जाकर मुलाकात की थी.

गठबंधन सहयोगी दोनों पार्टियों ने पालघर लोकसभा सीट के लिए बीते 28 मई को हुआ उपचुनाव अलग-अलग लड़ा था. प्रचार के दौरान दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर हमले किये थे.

 

पालघर उपचुनाव में बीजेपी से हार का सामना करने के बाद शिवसेना ने सहयोगी पार्टी को ‘‘सबसे बड़ा राजनीतिक शत्रु’’ करार दिया था. शिवसेना ने शाह और ठाकरे के बीच चार साल बाद बैठक की जरूरत पर सवाल उठाया था. शिवसेना पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 2019 वह अकेले ही चुनाव लड़ेगी

दोनों दल ढाई दशक से ज्यादा समय तक सहयोगी रहे, लेकिन 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दोनों ने अपने संबंध तोड़ लिए. बाद में राज्य में फडणवीस के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए दोनों ने फिर से हाथ मिला लिया.

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