पंजाब में अनोखा प्रयास, सोने की स्याही से लिख रहे श्री गुरु ग्रंथ साहिब, पांच साल में होगा पूरा

बठिंडा। मनकीरत का अर्थ है- मन लगाकर कीरत यानी काम करने वाला। भगता भाईका के गुरसिख मनकीरत सिंह अपने नाम को गुरु की सेवा से सार्थक कर रहे हैं। वह सोने की स्याही से अनोखा श्री गुरु ग्रंथ साहिब लिख रहे हैं।

उन्होंने वर्ष 2018 में यह पावन कार्य शुरू किया था। उस समय वह प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे।

वह अपना वेतन इसी सेवा पर लगा रहे थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण वेतन मिलना बंद हुआ तो नौकरी छोडऩी पड़ी, लेकिन उनकी लगन पर कोई असर नहीं पड़ा। अभी मनकीरत आढ़त का काम करते हैं। कमाई का बड़ा हिस्सा इसी काम में लगा देते हैं।

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