निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध मौत; चाय की दुकान में मिला शव
निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध मौत; चाय की दुकान में मिला शव
हरिद्वार/कटनी। देश के चर्चित और भयावह निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की उत्तराखंड के हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उसका शव उत्तरी हरिद्वार के सप्त सरोवर क्षेत्र में लालमाता मंदिर के सामने स्थित एक चाय की दुकान से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अल्मोड़ा स्थित उसके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है।
चाय का खोखा चला रहा था कोली; सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस जांच के अनुसार, सप्त ऋषि पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति दुकान में अचेत पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शिनाख्त की, तो उसकी पहचान अल्मोड़ा (ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण) निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।
किराए की दुकान: सुप्रीम कोर्ट से जेल से रिहा होने के बाद सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में किराए पर चाय का खोखा लेकर अपनी आजीविका चला रहा था।
पोस्टमार्टम का इंतजार: शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मौत के असल कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
निठारी कांड और सुप्रीम कोर्ट से बरी होने का घटनाक्रम
सुरेंद्र कोली का नाम साल 2006 में नोएडा (यूपी) के चर्चित निठारी सीरियल मर्डर केस में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था।
क्या था निठारी कांड? नोएडा के सेक्टर-31 स्थित बिजनेसमैन मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से दर्जनों बच्चों और युवतियों के नरकंकाल व हड्डियां मिलने के बाद देश भर में सनसनी फैल गई थी। पंढेर के घर नौकर का काम करने वाले कोली पर हत्या और दरिंदगी के आरोप लगे थे।
अदालत का फैसला: लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उसे कई मामलों में राहत दी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2025 में 12 मामलों में उसकी रिहाई का फैसला बरकरार रखा और फिर नवंबर 2025 में लंबित अंतिम मामले में भी उसकी दोषसिद्धि रद्द करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का ऐतिहासिक आदेश दिया था।