नासा स्पेसएक्स की लॉन्चिंग/ पहली बार निजी कंपनी का रॉकेट 2 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर 19 घंटे में आईएसएस पहुंचेगा

वॉशिंगटन. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने निजी कंपनी स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से 2 अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर भेजा। इस मिशन को ‘क्रू डेमो-2’ और रॉकेट को ‘क्री ड्रैगन’ नाम दिया है। इससे नासा के अंतरिक्ष यात्री रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले 19 घंटे में आईएसएस पहुंचेंगे। भारतीय समयानुसार शनिवार रात करीब 1 बजे रॉकेट ने कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी।
21 जुलाई 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजा गया है। स्पेसक्राफ्ट की लॉन्चिग अमेरिका के सबसे भरोसेमंद रॉकेट फॉल्कन-9 से की गई। स्पेसएक्स अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी है। यह नासा के साथ मिलकर भविष्य के लिए कई अंतरिक्ष मिशन पर काम कर रही है।
#WATCH SpaceX Falcon 9 rocket takes off with the SpaceX Crew Dragon spacecraft for International Space Station, with 2 NASA astronauts – Robert Behnken and Douglas Hurley.
नासा के अंतरिक्ष यात्री…

नासा का कैनेडी स्पेस सेंटर…

ट्रम्प ने कहा- यह अतुलनीय है
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मिशन की लॉन्चिंग देखने के लिए फ्लोरिडा स्थित स्पेस सेंटर पहुंचे। उनके साथ उपराष्ट्रपति माइक पेंस भी मौजूद थे। ट्रम्प ने लॉन्चिंग को अतुलनीय बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि असली प्रतिभा, वास्तविक बुद्धिमान, कोई भी हमारी तरह नहीं करता है।

27 मई को 17 मिनट पहले टला था मिशन
पहले यह लॉन्चिंग 27 मई की रात को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से होनी थी, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से 17 मिनट पहले मिशन रोक दिया गया था। नासा ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों से अपील की थी कि वे लॉन्चिंग देखने के लिए बाहर न निकलें। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी बेटी इवांका अपने पति जेयर्ड और दोनों बच्चों के साथ केनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे थे।
20 साल से आईएसएस मिशन पर काम चल रहा
- नासा 2000 के दशक की शुरुआत से ही आईएसएस पर मिशन पर काम कर रहा है। हालांकि, 2011 में उसने अपने रॉकेट से यह लॉन्चिंग करना बंद कर दी थी। इसके बाद इसके बाद अमेरिकी स्पेसक्राफ्ट रूस के रॉकेटों से भेजे जाने लगे।
- रूसी रॉकेट से लॉन्चिंग का खर्च लगातार बढ़ रहा था, ऐसे में अमेरिका ने स्पेसएक्स को बड़ी आर्थिक मदद देकर अंतरिक्ष मिशन के लिए मंजूरी दी। इस कंपनी ने 2012 में पहली बार अंतरिक्ष में अपना कैप्सूल भेजा।
- स्पेसएक्स कंपनी की स्थापना 2002 में की गई थी। इसका मकसद अंतरिक्ष में ट्रांसपोर्टेशन की लागत को कम करना है। साथ ही मंगल ग्रह पर इंसानी बस्तियां बनाना भी है।
टेस्टिंग के दौरान स्पेसएक्स के रॉकेट में विस्फोट
स्पेसएक्स कंपनी एक हैवी लिफ्ट रॉकेट ‘स्टारशिप’ पर भी काम कर रही है। इस रॉकेट के एक प्रोटोटाइप में टेक्सास में लॉन्चिंग के दौरान विस्फोट हो गया। स्पेसएक्स की बोका चिका टेस्टिंग साइट पर शुक्रवार को टेस्टिंग की लाइव रिकॉर्डिंग चल रही थी। इसी समय विस्फोट हो गया जो लाइव रिकॉर्ड हुआ। यह रॉकेट अंतरिक्षयात्रियों को ले जाने वाले रॉकेट से बिल्कुल अलग है।









