नाले में मिले हिरण प्रजाति के करीब डेढ़ दर्जन सींग, फॉरेंसिक लैब जबलपुर में होगी जांच
सागर ।जिला अस्पताल मार्ग पर छोटे तालाब के सामने खुले नाले में सोमवार को हिरण प्रजाति के करीब डेढ़ दर्जन सींग मिले हैं। स्थानीय लोगों ने पहले मीडिया को फिर वन विभाग को सूचना दी थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के अमले ने नाले से एक-एक कर सींग निकाले हैं। प्रथम दृष्टया यह सींग करीब 50 से 100 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इनमें घुन भी लग गया था।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों वन विभाग की टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने सागर में छापामार कार्रवाई कर तेंदुए की खाल और हिरन के सींग बरामद किए थे। संभव है कि किसी के घर में यह रखे हों और कार्रवाई के डर से उसने इन्हें नाले में फेंक दिया हो। फिलहाल सींग को जब्त कर विस्तृत जांच के लिए जबलपुर स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर में फोन पर सूचना मिली थी कि तिली अस्पताल मार्ग पर सड़क किनारे नाले में हिरण के सींग पड़े हुए हैं। टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन अमले ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों को नाले में उतारकर सींग निकाले तो एक-एक कर करीब 15 सींग निकले। वन अमले ने इन्हें जब्त कर बोरी में भरकर कार्यालय में जमा कराया है।
वन विभाग के रेंजर लाखन सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह सींग हिरण प्रजाति के जानवर के लग रहे हैं। हालांकि अभी स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता। सींगों में घुन लग चुका है और तकनीकी भाषा में इन्हें मृत सींग बोला जाता है। इनमें जान नहीं होती है। यह सूख चुके हैं और करीब 50 से 100 पुराने तक हो सकते हैं। ये सींग नाले में कहां से आए, कौन इन्हें फेंक गया है, यह जांच का विषय है। इनकी लैब में जांच कराने के लिए जबलपुर भेजा जा रहा है। वहां फॉरेंसिक लैब में जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पंचनामा बनाकर इन्हें जब्त कर लिया गया है।