नहीं चलेगा बहाना, सरकारी कर्मियों को ई मेल व्हाट्स एप से मिलेंगे सम्मन

जबलपुर, विशेष प्रतिनिधि। पुलिस सहित सतमाम सरकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जिनकी किसी मुकदमे के दौरान कोर्ट में उपस्थिति के लिए वारंट या सम्मन जारी होता है। उन सबको अब ई मेल और वाट्सप के माध्यम से वारंट या सममन तालीम कराये जाएंगे। ताकि वे यह न कह सकें कि उन्हें सम्मन मिला ही नहीं और मामला भी कोर्ट में लंबित न हो।

हो रही तैयारी मजिस्ट्रेट के डिजिटल साइन से ऑन लाईन वारंट भेजे जायें
उल्लेखनीय है कि कई मामलों में कोर्ट सरकार के शीर्ष अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को किसी मामले की वांछित जानकारी या गवाही के लिए वारंट जारी करती है अधिकारी, कर्मचारी अपने रसूख के चलते वारंट या सम्मन लेते ही नजहीं। फलस्वरूप वारंट बगैर तामील हुए कोर्ट पहुंच जाते हैं।

अदालत को कई बार वारंट सम्मन को जारी करना पड़ता है। जिससे समय और पैसा लगता है। साथ ही मामला भी लंबे समय तक लंबित रहता है लेकिन अब वारंट तामीली के लिए ई प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संबंधित मजिस्ट्रेट के डिजिट हस्ताक्षर से आन लाइन सम्मन या वारंट उनके ई मेल या व्हाटस एप पर भेज दिये जाएंगे।

ताकि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी यह नहीं कह सकते हैं कि उनहें सम्मन या वारंट मिला ही नहीं। यहां तक कि जो सरकारी नौकरी में नहीं है यानि निजी गवाह या मुल्जिमों के मोबाइल नंबर वाट्सएप और ई मेल आई डी को भी केस डायरी में दर्ज कर लिया जाएगा।

एक मोटे अनुमान के अनुसार अदालतों में विचाधीन लाखों मामलों में तीस फीसदी सम्मन या वारंट सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को जारी ही नहीं होते हैं। विगत दिनों राजस्थान की सरकार ने उक्त प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया है। प्रदेश के गृहमंत्री ने इसको मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही इस प्रक्रिया का पूरे देश के राज्यों में लागू किया जाएगा। हालांकि वारंट तामीली की ई प्रक्रिया राजस्थान में पायलट परियोजना के तहत लागू की जाएगी। जिसे पूरे देश में लागू करने में समय लग जाएगा। लेकिन अंततः वारंट तामीली की ई प्रक्रिया देर सवेर पूरे देश में लागू होगी।

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