सागर। रेलवे स्टेशन परिसर में बंद कार में युवक की लाश मिलने के सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने गुरूवार को खुलासा कर दिया। मृतक संकेत उर्फ सचिन गुप्ता निवासी शंकरगढ़ पेशे से साहूकार था और आशिक मिजाज था। दोस्त ने ब्याज पर 3 लाख रुपए लिए थे।
20 हजार रुपए दीपावली पर दिए थे। शेष रकम मांगने के लिए वह बार-बार फोन कर रहा था। रुपए लौटाने में लेटलतीफी करने पर मृतक साहूकार ने दोस्त आशीष की पत्नी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसे आशीष सिंह सहन नहीं कर पाया और योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया।
आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा गुरुवार को एएसपी रामेश्वर सिंह यादव ने पुलिस कंट्रोल रूम में मीडिया के सामने किया। हत्या में उपयोग की गई पिस्टल आरोपी के घर से जब्त कर ली गई है। मृतक का मोबाइल भी पुलिस को मिल गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपित आशीष सिंह पिता उप्र के बिजनौर जिले का रहने वाला है। वह मकरोनिया क्षेत्र की शांति विहार कॉलोनी में रहता है। उसकी दोस्ती संकेत उर्फ सचिन से कई साल पहले हुई थी। इस दौरान आशीष ने संकेत से 3 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे। वह बार-बार फोन पर रुपए लौटाने का उलाहना देने लगा था। दीपावली पर उसने 20 हजार रुपए दिए थे। इसके बाद भी संकेत ने समय पर रूपए न लौटाने पर उसकी पत्नी के प्रति आपित्तनजनक टिप्प्णी कर दी, जो उसे नागवार लगी। उसने संकेत की हत्या करने की योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया।
सीसीटीवी फुटेज में आशीष के साथ दिखा था संकेत
संकेत 11 नवंबर को रात 9 बजे भोपाल जाने के लिए कार क्रमांक एमपी 15 डी- 7777 लेकर निकला था। दूसरे दिन सोमवार 12 नवंबर को उसकी लाश रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी कार में पीछे की सीट पर मिली थी। सिर पर गोली लगने के निशान थे। जांच में प्रथम दृष्टया हत्या होना प्रतीत होती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कैंट थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की। पुलिस ने मकरोनिया, सिविल लाइन, बस स्टैंड और तिली क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज चैक किए। इन स्थानोें पर लोकेशन पाई गई। घटना के पहले उसके साथ आशीष सिंह के होने के साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे थे। उसे तलाशने में पुलिस को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।
पथरिया से खरीदी थी पिस्टल
आरोपित आशीष के पास से पुलिस ने पिस्टल और 25 हजार रूपए जब्त किए हैं। पूछताछ में उसने बताया एक साल पहले पिस्टल दमोह जिले के पथरिया से एक युवक से खरीदी थी। एएसपी यादव ने बताया 48 घंटे में हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने इनाम देने की घोषणा की है।
कार में सोते वक्त गोली मारी
चर्चा है कि आरोपित आशीष को घटना की रात ही हिरासत में ले लिया था। पूछताछ में उसने बताया संकेत ने मेरी पत्नी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसलिए बदला लेने के लिए योजना बनाई। संकेत से कहा भोपाल चलो वहां रुपए दिला दूंगा। संकेत मेरी बातों में आ गया। वह 11 नवंबर की रात कार लेकर आया। दोनों ने तिली रोड पर ग्रेवेटी बार में शराब पी और खाना खाया। वहां से भोपाल के लिए निकले। सलामतपुर के पास संकेत सो गया। मैंने मौका मिलते ही पिस्टल से उसकी कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद मैं कार लेकर सागर आया और रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी कर भाग गया।