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ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा चुनाव निर्वाचन को दी चुनौती, याचिका दायर

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जबलपुर । भिंड जिले के लाहार क्षेत्र के विधायक व कॉन्ग्रेस में कमलनाथ सरकार में पूर्व सहकारिता मंत्री रहे गोविंद सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा राज्यसभा निर्वाचन को चुनौती देते हुए

आज मप्र उच्च न्यायालय में निर्वाचन शून्य करने के लिए याचिका दी है।

चुनाव नामंकन में सिंधिया ने छुपाए आपराधिक मामले

पूर्व मंत्री ने सिधिंंया पर आरोप लगाए है कि राज्यसभा सांसद के द्वारा निर्वाचन के दौरान जो शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था उसे झूठा और भ्रामक है याचिका में श्री सिंह ने सिंधिया पर गलत जानकारी देने का आरोप का लगाया है।

उनका कहना है कि राज्यसभा सांसद के निर्वाचन हेतु कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा गलत जानकारी प्रदान की है।

जिसमें सम्पति से संबंधित जानकारी जो दर्शायी गयी है वह गलत है। इसके साथ ही शपथ पत्र में श्री सिंधिया ने अपने ऊपर दर्ज अपराधिक मामलों में स्वयं को क्लीन चिट दी है, जबकि पूर्व मंत्री सिंह का कहना है कि उनके खिलाफ अपराधिक मामला भी दर्ज रह चुका है।

इन सभी आरोपों के साथ पूर्व मंत्री श्री सिंह ने न्यायालय के समक्ष राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी गई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने सिंधिया के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली है। गोविंद सिंह ने सिंधिया के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में एक चुनाव याचिका दायर की है।

याचिका में कहा गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने राज्यसभा चुनाव के नामांकन के दौरान दिए हलफनामे में अपने क्रिमिनल केस छिपाए हैं।

लिहाजा उनका निर्वाचन शू्न्य घोषित किया जाना चाहिए… डॉक्टर गोविंद सिंह के वकीलों ने इस याचिका में दलील दी है कि रीप्रज़ेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक चुनावी नामांकन में जानकारियां छिपाने वाला कोई भी उम्मीदवार निर्वाचित नहीं माना जा सकता।

याचिका में कहा गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के खिलाफ साल 2018 में भोपाल के एक थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.. इसका जिक्र दिग्विजय सिंह ने तो अपने नामांकन में किया था लेकिन सिंधिया ये जानकारी छिपा गए थे।

याचिका में दलील दी गई है कि सिंधिया ने अपने खिलाफ दर्ज इस आपराधिक मामले का जिक्र बार-बार करते हुए कई बार ट्विट और बयान भी जारी किए थे लिहाजा ये माना जा सकता है कि उन्होने जानबूझकर अपना क्रिमिनल केस निर्वाचन आयोग से छिपाया।

ऐसे में इस याचिका में ज्योतिरादित्य का राज्यसभा निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की गई है।

डॉक्टर गोविंद सिंह के वकीलों के मुताबिक उनकी याचिका पर हाईकोर्ट में आने वाले दिनों में जल्द सुनवाई हो सकती है।

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