AI और साइबर सुरक्षा पर कड़ा प्रहार: पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले में पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश, चाणक्यपुरी थाने में एफआईआर दर्ज

AI और साइबर सुरक्षा पर कड़ा प्रहार: पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले में पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश, चाणक्यपुरी थाने में एफआईआर दर्ज

AI और साइबर सुरक्षा पर कड़ा प्रहार: पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले में पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश, चाणक्यपुरी थाने में एफआईआर दर्जScreenshot 20260725 121402 Chrome

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के वायरल हुए एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि केंद्रीय मंत्री के इस फर्जी वीडियो को पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा सनसनी फैलाने और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए सर्कुलेट किया जा रहा था।

क्या था मामला और कैसे दर्ज हुई एफआईआर?

शनिवार सुबह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान पीयूष गोयल के वीडियो और आवाज के साथ दुर्भावनापूर्ण छेड़छाड़ की गई थी। इस फर्जी क्लिप के जरिए झूठा दावा किया जा रहा था कि मंत्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों और छात्रों के खिलाफ कोई आपत्तिजनक या धमकी भरा बयान दिया है।

मामلا सामने आते ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने शनिवार सुबह दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस थाने में आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के फर्जी वीडियो को बनाने, आगे बढ़ाने या सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन और एजेंसियों की कड़ी नजर

सरकारी सूत्रों और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक और राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे ऐसे प्रोपेगेंडा लिंक्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाने का काम तेजी से किया जा रहा है। सरकार और साइबर सेल ने आम नागरिकों एवं युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी असत्यापित या भ्रामक सामग्री पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के उसे आगे शेयर करने से बचें।

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