जीआरएमसी ग्वालियर में रोटेशन लागू: 4 विभागों को मिले नए विभागाध्यक्ष; हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नेत्र रोग विभाग में फंसा पेच
जीआरएमसी ग्वालियर में रोटेशन लागू: 4 विभागों को मिले नए विभागाध्यक्ष; हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नेत्र रोग विभाग में फंसा पेच
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जीआरएमसी ग्वालियर में रोटेशन लागू: 4 विभागों को मिले नए विभागाध्यक्ष; हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नेत्र रोग विभाग में फंसा पेच
ग्वालियर: गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) में विभागाध्यक्षों (HODs) के रोटेशन की प्रक्रिया के तहत बड़ा फेरबदल किया गया है। वरिष्ठता के आधार पर महाविद्यालय के चार प्रमुख विभागों में नए विभागाध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, नेत्र रोग विभाग (Ophthalmology Department) में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के बावजूद नई नियुक्ति अटक गई है, जिससे पद को लेकर संशय बना हुआ है।
इन 4 विभागों में नियुक्त हुए नए विभागाध्यक्ष
जीआरएमसी प्रशासन द्वारा जारी रोटेशन सूची के अनुसार निम्नलिखित विभागों की कमान नए विभागाध्यक्षों को सौंपी गई है:
फार्माकोलाजी विभाग: डॉ. राजकुमार आर्य के स्थान पर डॉ. देवेंद्र सिंह कुशवाह।
निश्चेतना विभाग (Anaesthesia): डॉ. प्रीति गोयल की जगह डॉ. सुमन गुप्ता।
न्यूरोसर्जरी विभाग: डॉ. अविनाश शर्मा के स्थान पर डॉ. अवधेश शुक्ला।
पैथोलाजी विभाग: डॉ. सुधा अयंगर के स्थान पर डॉ. गजेंद्र पाल सिंह उईके। जीआरएमसी ग्वालियर में रोटेशन लागू: 4 विभागों को मिले नए विभागाध्यक्ष; हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नेत्र रोग विभाग में फंसा पेच
अन्य चार विभागों में रोटेशन प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूर्ण हो गई है, लेकिन नेत्र रोग विभाग में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक नियुक्ति संबंधी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हो पाया है। इसके चलते विभाग में प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विभागाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को लेकर अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है।