जबलपुर विशेष प्रतिनिधि । सोमवार को जीसीएफ में उस समय कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया जब निर्धारित काम यानी उत्पादन न होने और कार्य पूरा नहीं होने को आधार बनाकर काम की कमी के नाम पर मशीन शॉप में ओवरटाइम 54 घंटे से घटाकर 51 घंटे कर दिया। इस बात को लेकर कर्मचारियों में जमकर आक्रोश है।
कर्मचारियों ने जब इस संबंध में प्रबंधन से बात की तो उसका कहना था कि बोर्ड की नीति के तहत पीस वर्क अर्जित नही किया जा रहा है ।कर्मचारियों ने बताया कि प्रबंधन की गणना का आधार पिछला कार्य है, जबकि इस माह अब तक की गणना अनुसार पूरा काम हो रहा है, किंतु प्रबंधन ने इसे स्वीकार नहीं किया।अतः कर्मचारियों ने 51 घंटे भी ना करने का निर्णय लेते हुए ओवरटाइम का बहिष्कार किया और शाम 5:00 बजे अपने छुट्टी लेकर अपने घर चले गए।
इस संबंध में बताया जाता है कि प्रबंधन का कहना है कि जिस तरह से ओवरटाइम चल रहा है उस तरह से उत्पादन नहीं हो रहा है। जबकि कर्मचारियों का कहना है कि जिस तरह से ओवरटाइम चल रहा है उसी अनुपात में काम किया जा रहा है। किंतु प्रबंधन किसी एक कर्मचारी की गलती के लिए पूरे पांच सौ कर्मचारियों को सजा दे रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते सप्ताह है 16 मई को गुरुवार की रात कथित मिले हाथ के एक सोसाइटी डेलीगेट ने रात में दारु पीकर उत्पात मचाया तथा शराब की बोतलें फोड कर हंगामा मचाया था। इससे पूरे मशीन शॉप में दहशत का माहौल बन गया। रात्रि पाली इंचार्ज ने इसकी शिकायत लाग बुक में दर्ज की तथा उच्च अधिकारियों को भी इस से अवगत कराया । मामले की जानकारी लगते ही महाप्रबंधक महाप्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा की।
चूंकि एक यूनियन का कार्यकर्ता इस में संलिप्त है अतः उसने अपने कों बचाते हुए काम की कमी को आधार बनाकर ओवरटाइम में कटौती कर दी। जिसका विरोध मशीन शाप के 500 कर्मचारियों ने किया। उनका कहना था कि यदि कोई एक कर्मचारी गलती करता है तो उसकी सजा सभी कर्मचारियों को क्यों दी जा रही हैँ कायदे से शराबखोरी और बोतल फोड़ने वाले कर्मचारी पर कार्यवाही की जाए । इसका उल्लेख सरकारी दस्तावेज लाग बुक में दर्ज है।
अतः जब बात नहीं बनी और प्रबंधन ने ओवर टाइम कम कर दिया तब कर्मचारियों ने 51 घंटे ओवरटाइम भी नहीं करते हुए बिना ओवर टाइम किए घर जाने का निर्णय लिया। शाम को 5:00 बजे 5सौ कर्मचारी ओवरटाइम नहीं किए और छुट्टी लेकर अपने घर चले गए । जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर जो मशीन शॉप के प्रभारी अधिकारी संयुक्त प्रबंधकक नाराज हैं ।उनका कहना है कि या तो उक्त कर्मचारी अनुभाग में रहेगा या वह प्रभारी होंगे ।इस आपसी खींचतान के चलते 500 कर्मचारियों को ओवरटाइम का नुकसान हुआ ।जबकि मांग और काम के अनुसार ही कर्मचारियों को ओवरटाइम दिया जा रहा था ।विगत दिनों इसी संबंध में पूरी निर्माणी के कर्मचारियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन भी सौंपा था।
