जबलपुर: कोरोना से व्रद्ध की मौत, संक्रमण और लोगो में न फैले इसलिए खोजे जा रहे मरीज के परिजन
जबलपुर। कोरोना संक्रमण से एक और वृद्ध की मौत हो गई है। सबसे चिंता की बात तो यह कि पहले टेस्ट में मरीज की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने पर उसके परिजन चिकित्सकों के परामर्श के विरूद्ध मरीज को डिस्चार्ज करा कर ले गए थे।
मरीज के परिजन उन्हें नागपुर ले जा रहे थे,लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं चिकित्सकों को जब दूसरी रिपोर्ट में यह पता चला कि उक्त मरीज कोरोना पॉजिटिव था तो उनके होश उड़ गए।
चिकित्सकों ने बताया कि एक बुजुर्ग मरीज, 71 वर्ष पुरुष जोकि पहले से मधुमेह, बीपी और हृदय रोग के मरीज थे उन्हे तेज बुखार, खाँसी और साँस लेने की तकलीफ से मेडिकल मे 13/07/20 को 11.30 pm बजे अस्पताल लाया गया। *मरीज के पास विक्टोरिया अस्पताल का रेफेरल पर्ची थी जिसमे कोविड रिपोर्ट(12/07/20) नेगेटिव होने के बारे मे लिखा हुआ था।
मरीज को आगे के इलाज के लिए मेडिसिन जेनरल वार्ड मे भर्ती किया गया इलाज के दौरान मरीज की तकलीफ मे सुधार न आने पर, मरीज का दुबारा कोविड सेम्पल 14/7/20 को भेजा गया ।
जिसकी रिपोर्ट 15/7/20 को नेगेटिव आई । कोविड का पीक वायरस लोड बीमारी के पाँचवें सातवे दिन आता है और 30 प्रतिशत आर टी पी सी आर रिपोर्ट फाल्स नेगेटिव हो सकता है और दो नेगेटिव रिपोर्ट के बाद भी मरीज के बीमारी के लक्षण कोविड जैसे ही लग रहे थे, उनका कोविड जाँच फिर से 15/07/20 को भेजा गया । जिसकी रिपोर्ट बाद मे पॉजिटिव आई* परंतु पहली रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल के वर्जित क्षेत्र मे आकर काम और इलाज मे बाधा डालने लगे और छुट्टी के लिए दबाव डालने लगे ।
इस कारण मरीज को 16/07/20 दोपहर को डिस्चार्ज अगेंस्ट मेडिकल अडवाईस दिया गया। क्योंकि मरीज डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध जाकर अपनी इच्छा से छुट्टी लेकर गया और उनकी दूसरी रिपोर्ट बाद में देरी से आई जो कि पॉजिटिव थी ।
मरीज और उनके संपर्क मे आये व्यक्ति का जल्द पता लगाना और उचित क्वारेंटिन व आइसोलेट करना अति आवश्यक है जिससे कोविड को फैलने से रोका जा सकता है।

