जबलपुर। Madhya Pradesh News : मानसिक रोग से पीड़ित बेटा व फिट आने की बीमारी से परेशान मां को एक साथ विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 24 घंटे के भीतर बेटे की मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनकर मां सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और अगले दिन उसने भी दम तोड़ दिया।
मां-बेटे की मौत के बाद तमाम रिश्तेदारों ने शवों के अंतिम संस्कार से किनारा कर लिया, जिसके बाद मोक्ष संस्था द्वारा 28 मई को चौहानी गढ़ा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया गया। जानकारी के मुताबिक घमापुर निवासी मोनू जायसवाल (35) लंबे समय से मानसिक रोग से पीड़ित था तथा उसकी मां मीना जायसवाल (67) चक्कर आने की बीमारी से जूझ रही थी।
26 मई को दोनों घर पर थे और उनकी हालत बिगड़ने लगी। पड़ोसियों ने 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस द्वारा मां-बेटे को विक्टोरिया अस्पताल लाकर रात्रि करीब पौने दस बजे भर्ती कराया गया। उपचार के 24 घंटे के भीतर 27 मई की शाम करीब साढ़े 7 बजे मोनू की मौत हो गई तथा 28 मई की सुबह उसकी मां मीना ने भी दम तोड़ दिया।
बेटे के बाद मां का अंतिम संस्कार
मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर ने बताया कि मोनू की मौत के बाद शव को विक्टोरिया अस्पताल की मरचुरी में रखा गया था। 28 मई की सुबह अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर मृतक के दो रिश्तेदारों की मौजूदगी में शव को चौहानी मुक्तिधाम लाकर अंतिम संस्कार कराया गया।
मोनू के शव के अंतिम संस्कार के कुछ देर बाद ही उसकी मां की मौत की सूचना मिली। जिसके बाद मां के शव का अंतिम संस्कार भी चौहानी मुक्तिधाम में कराया गया। इधर, गोरखपुर निवासी कंजिला जॉर्ज के शव का अंतिम संस्कार मोक्ष संस्था ने बिलहरी कब्रिस्तान में कराया।

