Wednesday, April 15, 2026
jabalpur

गारंटेड सड़कों का खुद कर दिया सत्यानाश उड़ा दीं धज्जियां, गड्ढों के बीच ढूंढ़ी जा रही सड़क

जबलपुर। नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च कर शहर के कई क्षेत्रों में गारंटेड सीमेंंट सड़कों का निर्माण कराया था। पर अब ये सड़कें बदहाली की दशा में जा पहुंची हैं। गारंटेड सड़कों के परखच्चे उड़ गए हैं। गड्ढे इतने ज्यादा हो गए हैं कि सड़क ढूंढ़ते रह जाओगे।

आम तौर से अपनी अव्यवस्थाओं के लिए कुख्यात नगर निगम अमला सीमेंटेड सड़कों के अलावा शहर की अधिकांश सड़कों की छाती पर उभर आए गड्ढों के बाद भी नहीं चेत रहा है।  घमापुर से रद्दी चौकी, नगर निगम के सामने, ब्लूम चौक से बांई तरफ की सड़क और भंवरताल में वीर दुर्गादास चौक के समीप की सड़कें इतनी खराब हैं कि वाहनों से तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो रहा है।

जिन ठेकेदारों से ये सड़कें बनवाई गई थीं। उन्होंने तो आनन फानन में सड़कों का सीमेंटीकरण कर दिया। पर ये सड़कें निर्धारित समय के पहले ही उखड़कर लोगों के लिए नासूर बन चुकी हैं। आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोग घायल होकर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। किसी की हाथ की हड्डी टूटी तो किसे के पैर की। किसी के सिर में चोट आई तो किसी की कमर में, कुल मिलाकर इन सड़कों पर चलना जिदंगी के लिए दूभर हो रहा है।

नगर निगम के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। लगता है उन्हें अब किसी बड़ी अनहोनी की आशंका है। इसके अलावा चाहे शहर के अंदर की सड़कें हों या बायपास की सड़कें सबकी हालत जर्जर है।
रानीताल चौक से गढ़ा की ओर जाने के पहले लोगों को सोचना पड़ता है। यहां वाहन तो दूर पैदल चलने वाले तक गिर रहे हैं, आए दिन इन गड्ढों के कारण दो पहिया वाहनों के हादसे हो रहे हैं। लोगों को चोटें लग रही हैं। किसी के हाथ की हड्डी टूट रही है तो किसी के पैर की। अनेक लोग अस्पतालों में भी भर्ती हो रहे हैं। ये गड्ढे नासूर बन गए हैं। राहगीर बचकर निकल रहे हैं। सड़कों की गिट्टियां भी उचककर लोगों को लहूलुहान कर रही है।

यही हाल दमोह नाका से आई टीआई मार्ग का है। यहां से सैकड़ों बसें, ट्रक व अन्य वाहन निकलते हैं। बारिश के कारण इस मार्ग पर लोगों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। नगर निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अधिकारी काला चश्मा लगाए बैठे हैं। स्थानीय लोगों व यहां से रोजाना गुजरने वाले लोगों ने भी उनका ध्यान इस भीषण समस्या की ओर दिलाया पर उनके कान में जू तक नहीं रेंग रही है। बारिश रुकते ही पैंच वर्क होना चाहिऐ पर वो भी नहीं हो रहा है।

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

Leave a Reply