Monday, April 20, 2026
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कॉमा (,) की गलती कंपनी को पड़ी भारी, चुकाना पड़ा 32 करोड़ रुपए जुर्माना

वॉशिंगटनः अमरीका में एक कंपनी को कॉमा (,)  न लगाना भारी पड़ गया। मामला अमरीका के मेयेन का है जहां एक डेयरी कंपनी को बस एक कॉमा न लगाने की कीमत 50 लाख डॉलर यानि करीब 32 करोड़ रुपए देकर चुकानी पड़ी।ओकहर्स्ट डेयरी कंपनी के ड्राइवरों ने 2014 में एक मुकद्दमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ डॉलर यानि करीब 64 करोड़ रुपए जुर्माने की मांग की थी। इस केस के सिलसिले में अदालत में गुरुवार को दाखिल किए गए दस्तावेजों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच करीब 32 करोड़ रुपए पर समझौता हुआ।

दरअसल मामला कंपनी और ड्राइवर के बीच ओवरटाइम के नियमों को लेकर था. कंपनी के नियम में लिखा था- “कैनिंग, प्रोसेसिंग, प्रिज़र्विंग, फ्रीज़िंग, ड्रॉइंग, मार्केटिंग, स्टोरिंग, पैकिंग फॉर शिपमेंट ऑर डिस्टीब्यूशन ऑफ” फूड्स। असहमति इस बात पर थी कि “packing for shipment or distribution” में कोई भी ऑक्सफोर्ड कॉमा नहीं है।  ड्राइवरों का कहना था कि इसमें पैकिंग व शिपिंग की बात कही गई है पर वो इस तरह का कोई भी काम नहीं करते हैं।

किसी वाक्य में जब  3 या उससे ज्यादा चीजें होती हैं और उसे कॉमा के माध्यम से अलग करना होता है तो अंतिम आइटम से पहले लगने वाले कॉमा को ‘ऑक्सफोर्ड कॉमा’ कहते हैं।ऑक्सफोर्ड कॉमा के बिना “packing for shipment or distribution,”. वाक्य में पैकिंग व शिपमेंट 2 काम के बजाय एक ही काम के रूप में माना जाएगा। ड्राइवरों का कहना है कि ये 2 काम के बजाय एक ही काम करने को दिखाता है, लेकिन चूंकि हम लोग पैकिंग नहीं करते इसलिए हमें ओवरटाइम मिलना चाहिए।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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