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एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक अंशु मिश्रा ने कहा- नाकामी छिपाने सरकार कर रही लॉक डाउन, कोविड वार्ड की जगह बना रही जेल

कटनी। कोरोना पर प्रदेश सरकार पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक अंशु मिश्रा ने बड़ा हमला बोला है। अंशु मिश्रा ने आरोप लगाया की कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए कारगर कदम उठाने में नाकाम रही सरकार और प्रशासन ने जिले में गैर जरूरी लॉक डाउन लगाकर व्यापारियों रोज़ कमाने खाने वाले ग़रीबों को मुश्किलों में डाल दिया है।

गरीबो के पास रोटी की व्यवस्था नही है और अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं। एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। अस्पताल मे बिस्तरों की कमी लगातार बनी हुई है।

कोरोना मरीजों को लगने वाले रेमिडिसिवर इंजेक्शन की जमकर कालाबाजारी की जा रही है।ज़िले में निरंतर वैक्सिनेशन की रफ़्तार घट रही हे,जिले में वेक्सीन का स्टाक भी खत्म हो गया है।लोग जान बचाने के लिए खुद संघर्ष कर रहे है। लॉक डाउन के कारण विकट परिस्थियां उत्पन्न हो गई है।

इन स्थितियों को सुधारने की बजाय पूरा प्रशासन लोगों को अपराधियो की तरह खदेड़ने में जुट है।शर्मनाक पहलू यह है कि इस समय जब इलाज के लिए अस्थाई कोविड वार्ड बनाने की जरूरत है तब प्रशासन अस्थाई जेल बनाकर लोगों में दहशत मचाने में जुट है।

दिव्यंशू मिश्रा ने प्रदेश सरकार व ज़िला प्रशासन से माँग करते हुए गैर जरूरी लॉक डाउन को तत्काल वापस लिया जाने, वैक्सिनेशन की गति में तीव्रता लाने, व स्वास्थ सुविधाएँ दुरुस्त करने का आग्रह किया है, जिससे गरीब व्यापारी अपने परिवार की भरण पोषण की व्यवस्था कर सकें। सरकार के इशारे पर दहशत फैलाने वाला अगर स्वास्थ्य सुविधाओं में ऊर्जा लगाए तो स्थितियां बेहतर होंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना की गंभीर स्थिति को नजर अंदाज कर पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लगाकर दमोह के उपचुनाव में व्यस्त है। बीमारी से प्रदेश में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन संवेदनहीन सरकार मातम की जगह जश्न का तांडव कर रही है।कोरोना के हालात सरकार की लापरवाही से बेकाबू हो रहे है। लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार बड़ी चुनावी रैली और भीड़ जुटाने में पूरी ताकत लगा रहे है।सरकार को तत्काल प्रभाव से लाक्डाउन हटाकर मूलभूत व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम