आयरन थेरेपी क्या है? कब और क्यों दी जाती है? पूरी जानकारी

आयरन थेरेपी क्या है? कब और क्यों दी जाती है? पूरी जानकारी।अगर शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन का स्तर बहुत कम हो और दवाओं या डाइट से सुधार न हो रहा हो, तो डॉक्टर आयरन थेरेपी (Iron Therapy) की सलाह देते हैं। यह एक मेडिकल ट्रीटमेंट है, जिसे गंभीर एनीमिया के मामलों में इस्तेमाल किया जाता है।

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आयरन थेरेपी क्या है? कब और क्यों दी जाती है? पूरी जानकारी

आयरन थेरेपी क्या होती है?

आयरन थेरेपी में मरीज को शरीर में आयरन की कमी पूरी करने के लिए: इंजेक्शन (IV Iron Injection) या ड्रिप (Intravenous Iron Infusion) के जरिए आयरन दिया जाता है यह प्रक्रिया सीधे ब्लड में आयरन पहुंचाती है, जिससे शरीर तेजी से रिकवर करता है। यह थेरेपी कैसे काम करती है?

आयरन थेरेपी:

शरीर में रेड ब्लड सेल्स (RBC) बढ़ाने में मदद करती है*हीमोग्लोबिन लेवल सुधारती है शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई को बेहतर बनाती है थकान और कमजोरी को कम करती है

किन मरीजों को इसकी जरूरत होती है?

डॉक्टर आमतौर पर यह थेरेपी तब देते हैं जब:  हीमोग्लोबिन 6 g/dL से कम होआयरन की दवाएं या डाइट असर न कर रही हों बार-बार कमजोरी, चक्कर, थकान महसूस हो शरीर में आयरन का अवशोषण (absorption) ठीक से न हो रहा हो यह हर कम हीमोग्लोबिन वाले मरीज के लिए जरूरी नहीं होती।

आयरन थेरेपी के फायदे

शरीर में आयरन की कमी तेजी से पूरी होती है
हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है
कमजोरी और थकान में राहत मिलती है
इम्यून सिस्टम बेहतर होता है

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कैसे दी जाती है?

सीधे नस (vein) में इंजेक्शन या ड्रिप के रूप में
यह प्रक्रिया अस्पताल में डॉक्टर की निगरानी में होती है

डॉक्टरों के अनुसार:

यह थेरेपी खुद से नहीं लेनी चाहिए
बिना जांच और सलाह के इसका उपयोग खतरनाक हो सकता है
पहले डॉक्टर अन्य विकल्प (डाइट, टैबलेट्स) आजमाते हैं । आयरन थेरेपी क्या है? कब और क्यों दी जाती है? पूरी जानकारी