अवैध खनन पर अब सिंधिया ने कमलनाथ सरकार को घेरा

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में कांगे्रस की अंदरूनी लड़ाई खत्म नहीं हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दावेदारी के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को ग्वालियर पहुंचे तो यहां उन्होंने अवैध खनन को लेकर कमलनाथ सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। सिंधिया बोले कि अवैध रेत उत्खनन को उन्होंने विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। सरकार बनने पर इस पर अंकुश लगाने का वादा भी किया था, लेकिन दुख है कि इस पर अब तक अंकुश नहीं लग पाया है।

 

 

उधर, अवैध खनन को लेकर वन मंत्री उमंग सिंघार अपने चिरविरोधी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर आरोप लगा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह तो यहां तक कह चुके हैं कि प्रदेश में अवैध खनन पर लगाम लगाना मुश्किल है। इसके बाद उनको अपनी ही पार्टी के नेताओं और विधायकों के विरोध का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि रेत के अवैध उत्खनन को लेकर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह आइजी चंबल और प्रशासन पर आरोप लगा चुके हैं। इसके बाद भिंड जिले से कांग्रेस के दो विधायकों ने गोविंद सिंह को घेरा था। फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कहा था कि अवैध उत्खनन पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगना चाहिए। इसी बीच दो दिन पूर्व डॉ. गोविंद सिंह ने दिल्ली स्थित आवास पर सिंधिया से मुलाकात की थी।

सिंधिया के बयान से साफ हो गया है कि डॉ. गोविंद सिंह रेत के अवैध उत्खनन पर सिंधिया से चर्चा करने दिल्ली गए थे। अब सिंधिया के बयान के बाद माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ग्वालियर-चंबल अंचल में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी सर्जरी कर सकते हैं। उधर, प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान को लेकर सिंधिया ने केवल इतना कहा है कि इस पर जो भी फैसला हाईकमान करेगा, मंजूर होगा।

 

 

 

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