Z+ सुरक्षा पाने वाले अकेले उद्योगपति मुकेश अंबानी:10 कमांडोज समेत 55 सुरक्षाकर्मी रहते हैं तैनात
मुंबई। एंटीलिया के बाहर कार में विस्फोटक मिलने के बाद 71.2 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक मुकेश अंबानी की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। मुकेश अंबानी देश के अकेले ऐसे उद्योगपति हैं, जिन्हें Z प्लस सिक्युरिटी मिली है। अंबानी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी इसी सुरक्षा घेरे में चलते हैं।
Z प्लस सिक्युरिटी का खर्च 20 लाख/महीना, अंबानी खुद उठाते हैं
अंबानी अपनी सिक्युरिटी का पूरा खर्च खुद उठाते हैं। रिपोर्ट्स की माने तो मुकेश अंबानी अपनी सुरक्षा में हर महीने तकरीबन 20 लाख रुपए का खर्च करते हैं। इस खर्च के अलावा अंबानी की सुरक्षा टीम को बैरक भी मुहैया कराए जाते हैं।
Z प्लस सुरक्षा होने के कारण मुकेश अंबानी की सुरक्षा में एक समय पर 55 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इनमें 10 NSG और SPG कमांडो के साथ अन्य पुलिस कर्मी भी होते हैं। सुरक्षा के पहले घेरे की जिम्मेदारी NSG की होती है, जबकि दूसरे लेयर में SPG के लोग होते हैं। इनके अलावा ITBP और CRPF के जवान भी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।

इन दो कारों की सवारी करते हैं अंबानी
मुकेश अंबानी के पास दो बुलेटप्रूफ कार हैं। इनमें एक आर्मर्ड BMW 760Li और दूसरी मर्सिडीज बेंज S660 गार्ड है। आमतौर पर मुकेश अंबानी को इन्हीं कारों में देखा जाता है।

अंबानी की सुरक्षा में सबसे आगे चलने वाली दो बाइक्स भी बेहद खास हैं। रॉयल एनफील्ड की इलेक्ट्रा को रोड रेज कस्टम बिल्ड्स ने कस्टमाइज कर खास मुकेश अंबानी के काफिले के लिए तैयार किया है। इन बाइक्स पर आमतौर पर मुंबई पुलिस के लोग रहते हैं।
नीता अंबानी को मिली है Y कैटेगरी की सुरक्षा
मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी को भी Y कैटेगरी की सिक्युरिटी दी गई है। हथियारों से लैस 10 CRPF कमांडो नीता की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। नीता अंबानी देशभर में जहां भी जाती हैं, ये सिक्युरिटी गार्ड्स उनकी हिफाजत करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी गया था मुकेश को Z प्लस सिक्युरिटी देने का मामला
मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट हिमांशु अग्रवाल ने मुकेश अंबानी को Z प्लस सिक्युरिटी देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि अंबानी की सुरक्षा की वजह से सरकारी खजाने पर बोझ पड़ेगा। साथ ही यह भी कहा था कि मुकेश अंबानी या उनके परिवार पर किसी तरह का खतरा नहीं है। सुनवाई के दौरान मुकेश अंबानी के वकील ने कहा था कि इसका खर्च पूरी तरह से अंबानी उठा रहे हैं, जिसके बाद नवंबर 2020 में यह याचिका खारिज कर दी गई थी।

