रीठी अध्ययन केंद्र में विश्व जल दिवस का हुआ आयोजन,वर्ष 2026 की थीम “जल और लैंगिक समानता” पर परामर्शदाता व छात्र/छात्राओं ने प्रस्तुत किया

रीठी अध्ययन केंद्र में विश्व जल दिवस का हुआ आयोजन,वर्ष 2026 की थीम “जल और लैंगिक समानता” पर परामर्शदाता व छात्र/छात्राओं ने प्रस्तुत किय
रीठी। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा संचालित BSW और MSW पाठ्यक्रम की कक्षाएं प्रत्येक रविवार को अध्ययन केंद्र में संचालित की जाती हैं जिसमे आज सर्वप्रथम सामुहिक परिचर्चा में राष्ट्रगीत व प्रेरणागीत के पश्चात अपार आइडी जिन छात्रों की नही बनी उस पर चर्चा की और जिनकी द्वतीय क़िस्त व परीक्षा फॉर्म नही भरे उनके फॉर्म भरे गए। इसके पश्चात कक्षा का संचालन किया गया। इसके पश्चात विश्व जल दिवस पर परामर्शदाता शरद यादव द्वारा विचार व्यक्त करते हुए बताया कि 2026 का विषय “जल और लैंगिक समानता” (Water and Gender) हमें याद दिलाता है कि सुरक्षित जल तक पहुँच केवल पर्यावरण, बचत या फिर केवल टिकाऊ विकास का विषय नहीं है बल्कि गरिमा, समानता और जिम्मेदारी का भी प्रश्न है। और यह इस बात से भी जुड़ा है कि इसकी कमी होने पर सबसे ज़्यादा बोझ किस पर पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र की 2026 की थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि जल के अधिकार का मतलब है कि महिलाओं को बराबर की भागीदारी मिले, नेतृत्व का अधिकार मिले और जल से जुड़े निर्णयों में उन्हें समान अवसर मिलें। जल पर सबका अधिकार है, इसलिए इसमें सबकी आवाज शामिल होनी चाहिए। इससे पर्यावरण का संदेश और मजबूत होता है। यह विषय हमें समझाता है कि जल संकट सिर्फ पानी की कमी नहीं है। इसका असर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, समय, अवसर और आत्म-सम्मान पर भी पड़ता है। इसी अवसर पर परामर्शदाता अमर बहादुर यादव ने भी सभी को जल के महत्व व उपयोग व उसे संरक्षित करने की बात कही व जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता करते हुए इस अभियान को सफल बनाना हम सबका नैतिक दायित्व है, सभी आगे आकर अपना सहयोग दें। साथ ही परामर्शदाता रूपा बर्मन द्वारा छात्र/छात्राओं को जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रोजेक्ट बनाने व अभियान में कई जा रही गतिविधियों में सहभागिता कर बेहतर कार्य करने की बात कही। परामर्शदाता साक्षी नामदेव ने सभी के असाइनमेंट निर्माण व अपलोड करने व सत्यापन की कार्यवाही में गति लाने की बात कही व सभी से इस अभियान में दीवार लेखन, श्रमदान, सामुहिक सहभागिता के साथ जल स्त्रोतों में गतिविधियों में अपना सहयोग करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत मे सभी को परामर्शदाता अरुण तिवारी द्वारा जल संचय व जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी व जल संरक्षण हेतु सभी को शपथ दिलाई गई व जल ही जीवन है, जल है तो कल है के नारों से पूरा परिसर गूँज गया। इस अवसर पर सभी छात्र/छात्राओं की उपस्थिति रही।







