West Bengal Election 2026: बहरामपुर में SIR का असर, अधीर रंजन चौधरी बोले- गुंडागर्दी में आई कमी; दोपहर 3 बजे तक बंगाल में 78.77% मतदान। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान बहरामपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनावी माहौल और मतदान प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में जहां एंटी-इंकंबेंसी का असर दिख रहा है, वहीं SIR (स्पेशल ऑब्जर्वर/सिस्टम) की वजह से क्षेत्र में गुंडागर्दी में कमी आई है और माहौल पहले से ज्यादा शांतिपूर्ण हुआ है।
West Bengal Election 2026: बहरामपुर में SIR का असर, अधीर रंजन चौधरी बोले- गुंडागर्दी में आई कमी; दोपहर 3 बजे तक बंगाल में 78.77% मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान बहरामपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनावी माहौल और मतदान प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में जहां एंटी-इंकंबेंसी का असर दिख रहा है, वहीं SIR (स्पेशल ऑब्जर्वर/सिस्टम) की वजह से क्षेत्र में गुंडागर्दी में कमी आई है और माहौल पहले से ज्यादा शांतिपूर्ण हुआ है।
बहरामपुर में SIR के असर पर बयान
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने शुरुआत में इस व्यवस्था का विरोध किया था, लेकिन अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, चुनाव आयोग की सख्ती के कारण मतदान केंद्रों पर अनुशासन बढ़ा है और हिंसा की घटनाओं में गिरावट आई है।
मतदान में जबरदस्त उत्साह
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार दोपहर 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में 78.77% मतदान दर्ज किया गया है, जो भारी जनभागीदारी को दर्शाता है। वहीं तमिलनाडु में भी सभी 234 सीटों पर हुए मतदान में करीब 70% वोटिंग दर्ज की गई है।
कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान
दोनों राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। कई संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। इसके बावजूद कुछ स्थानों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और हल्की घटनाओं की खबरें भी सामने आई हैं।
राजनीतिक माहौल गर्म
मतदान के बीच विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि मतदाताओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति लोगों की भागीदारी को दर्शा रही हैं।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा बना हुआ है।
बहरामपुर में SIR के असर पर बयान
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने शुरुआत में इस व्यवस्था का विरोध किया था, लेकिन अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, चुनाव आयोग की सख्ती के कारण मतदान केंद्रों पर अनुशासन बढ़ा है और हिंसा की घटनाओं में गिरावट आई है।
मतदान में जबरदस्त उत्साह
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार दोपहर 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में 78.77% मतदान दर्ज किया गया है, जो भारी जनभागीदारी को दर्शाता है। वहीं तमिलनाडु में भी सभी 234 सीटों पर हुए मतदान में करीब 70% वोटिंग दर्ज की गई है।
कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान
दोनों राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। कई संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। इसके बावजूद कुछ स्थानों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और हल्की घटनाओं की खबरें भी सामने आई हैं।
राजनीतिक माहौल गर्म
मतदान के बीच विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि मतदाताओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति लोगों की भागीदारी को दर्शा रही हैं।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा बना हुआ है।।

