VIDEO: राजगढ़ में BJP नेता को डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने मारा थप्पड़, मचा बवाल, अधिकारी से बदसलूकी का भी आरोप

राजगढ़। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों था इनमें शामिल भाजपा कार्यकर्ता को एक महिला डिप्टी कलेक्टर के  थप्पड़ मारने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कमलनाथ सरकार को आड़े हाथ लिया।

राजगढ़ में कलेक्टर ने धारा 144 लागू कर दी थी। भारतीय जनता पार्टी के सांसद रोडमल नागर के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली का आयोजन किया गया था परंतु कलेक्टर ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। जब भाजपा के लोग और रैली के लिए सड़कों पर आ गए तो प्रशासन भी उन्हें रोकने के लिए मैदान में उतर आया। डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा भी प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने भाजपा के एक कार्यकर्ता से झंडा छीना और थप्पड़ मार दिया। बदले में भाजपा के नेताओं ने भी धक्का मुक्की की।

शिवराज सिंह ने प्रिया वर्मा की निंदा की

इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान आया है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा। आज राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर साहिबा ने जिस बेशर्मी से CAA के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चांटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता। क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है. कई जगहों पर इसके समर्थन में भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं. मध्य प्रदेश के राजगढ़ में CCA के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के बाल खींच दिए.

 

दरअसल, प्रशासन प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहा था और बीचे रास्ते में प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटा रहा था. इसी दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने लगीं. तभी किसी प्रदर्शनकारी ने डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा की चोटी खींच दी.

इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का बयान आया है. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा. आज राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर साहिबा ने जिस बेशर्मी से CAA के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चांटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता. क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश सरकार साफ कर चुकी है कि वह इस कानून का विरोध करेगी. विरोध में मुख्यमंत्री कमलनाथ और सरकार के सभी मंत्री व कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं.

बता दें, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का नागरिकता संशोधन कानून पर आधिकारिक बयान आया था जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस बिल को संसद में लाने से पहले केंद्र ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भरोसे में नहीं लिया गया. उनका कहना था कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार की जिद के कारण हालात काबू से बाहर हैं और इसलिए इस कानून को लेकर जो कांग्रेस का स्टैंड है वहीं मध्यप्रदेश सरकार का स्टैंड रहेगा.

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