Venezuela Earthquake Disaster: वेनेजुएला में 1 मिनट में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही- 10,000 से 1,00,000 लोगों की मौत की आशंका; देश में आपातकाल घोषित

बड़ी वैश्विक आपदा: वेनेजुएला में आए 2 भयानक भूकंपों से मची भयंकर चीख-पुकार, बंद किए गए सभी स्कूल और मेट्रो सेवाएं

Venezuela Earthquake Disaster: वेनेजुएला में 1 मिनट में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही- 10,000 से 1,00,000 लोगों की मौत की आशंका; देश में आपातकाल घोषित

अंतरराष्ट्रीय डेस्क: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला (Venezuela) से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिल दहला देने वाली वैश्विक ख़बर सामने आ रही है। वेनेजुएला में एक के बाद एक (महज 39 सेकंड के भीतर) आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंपों ने पूरे देश को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS Pager Data) की शुरुआती चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, इस महा-आपदा में 10,000 से लेकर 1,00,000 (एक लाख) लोगों की मौत होने की बेहद डरावनी आशंका जताई जा रही है। तबाही की तस्वीरें इतनी विचलित करने वाली हैं कि पूरी दुनिया इस वक्त सहमी हुई है।

कार्यवाहक राष्ट्रपति ने की आपातकाल की घोषणा, सेना तैनात

भूकंप से मची भयंकर तबाही के बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने तुरंत राष्ट्र को संबोधित किया:

मेट्रो, ट्रेन, स्कूल और मुख्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बंद

भूकंप के भीषण झटकों और उसके बाद आए 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) के कारण देश का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर ठप हो गया है:

आखिर क्यों आया इतना भीषण भूकंप? समझिए वैज्ञानिक कारण

USGS (अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) के अनुसार, वेनेजुएला भूगर्भीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है:

टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव: यहां दो बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें— ‘कैरिबियन प्लेट’ और ‘दक्षिण अमेरिकी प्लेट’ आपस में मिलती हैं। उथली स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग: बुधवार शाम (स्थानीय समय करीब 6 बजे) आए ये दोनों भूकंप इन प्लेटों की सीमा के पास “उथली स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग” (Shallow Strike-Slip Faulting) की वजह से आए। इसमें जमीन के नीचे की दरारें आड़ी दिशा (क्षैतिज) में बेहद तेजी से खिसकीं, जिसने काराकास की बहुमंजिला इमारतों को पल भर में जमींदोज कर दिया।

मदद के लिए आगे आई दुनिया; डोनाल्ड ट्रंप ने किया पोस्ट

वेनेजुएला में आए इस जलजले के बाद दुनिया भर के बड़े देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है:

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