UP Police vs बाहुबली: 895 दिन, 8 गवाह और 62 पन्नों का वो फैसला… जिसने बाहुबली विधायक के पूरे परिवार को पहुंचा दिया सलाखों के पीछे-जानिए क्या था वो ‘अपराध से अर्जित’ गुनाह?
UP Police vs बाहुबली: 895 दिन, 8 गवाह और 62 पन्नों का वो फैसला… जिसने बाहुबली विधायक के पूरे परिवार को पहुंचा दिया सलाखों के पीछे-जानिए क्या था वो ‘अपराध से अर्जित’ गुनाह?। उत्तर प्रदेश के बाहुबली और पूर्व विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ अदालती कार्रवाई का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। भदोही की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (न्यायाधीश पुष्पा सिंह) ने शुक्रवार (15 मई 2026) को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रिश्तेदार के पैतृक आवास पर अवैध कब्जा करने और माइनिंग फर्म को जबरन नियंत्रण में लेने के मामले में समाजवादी पार्टी व निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी व पूर्व एमएलसी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले में सह-आरोपी बहू रूपा मिश्रा को भी चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक की पत्नी, बेटे और बहू को अपने जीवन में पहली बार किसी आपराधिक मामले में सजा भुगतनी पड़ रही है।
UP Police vs बाहुबली: 895 दिन, 8 गवाह और 62 पन्नों का वो फैसला… जिसने बाहुबली विधायक के पूरे परिवार को पहुंचा दिया सलाखों के पीछे-जानिए क्या था वो ‘अपराध से अर्जित’ गुनाह?
चारों दोषियों पर ₹5.26 लाख का भारी जुर्माना
विशेष अदालत ने 62 पन्नों के अपने विस्तृत फैसले में चारों दोषियों पर कुल 5 लाख 26 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्बाना) भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा:
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विजय मिश्रा: 1 लाख 76 हजार रुपये जुर्माना
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रामलली (पत्नी): 1 लाख 75 हजार रुपये जुर्माना
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विष्णु मिश्रा (बेटा): 1 लाख 65 हजार रुपये जुर्माना
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रूपा मिश्रा (बहू): 10 हजार रुपये जुर्माना
अदालत की कड़ी टिप्पणी: “समाज के विरुद्ध घोर अपराध किया”
सुनवाई के दौरान विजय मिश्रा के वकील ने राजनीतिक द्वेष, रामलली मिश्रा की 70 वर्ष की उम्र व उनकी बीमारियों, और बहू रूपा मिश्रा के दो छोटे बच्चों के पालन-पोषण का हवाला देकर कम से कम सजा की गुहार लगाई थी।
अदालत ने इन तमाम दलीलों को खारिज करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की:
“विजय मिश्रा, रामलली और विष्णु मिश्रा ने समाज के विरुद्ध घोर अपराध किया है। अपराध से अर्जित की गई इस अवैध संपत्ति का इस्तेमाल बहू रूपा मिश्रा ने भी किया है। मुख्य दोषी विजय मिश्रा का एक बड़ा और खूंखार आपराधिक इतिहास रहा है, इसलिए इस परिवार को किसी भी प्रकार की कानूनी राहत या सहानुभूति नहीं दी जा सकती।”
895 दिनों का ट्रायल और 8 गवाहों के बाद आया फैसला
यह पूरा मामला 4 अगस्त 2020 को तब शुरू हुआ था जब विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने गोपीगंज कोतवाली में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। आरोप था कि विजय मिश्रा ने साल 2001 से उनके भदोही स्थित पैतृक मकान पर जबरन कब्जा किया हुआ है और उनकी माइनिंग फर्म पर भी डाका डाला है।
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गिरफ्तारी की टाइमलाइन: केस दर्ज होने के बाद विजय मिश्रा को 14 अगस्त 2020 को मध्य प्रदेश के आगर मालवा से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से वह लगातार जेल में हैं। बेटे विष्णु मिश्रा को जुलाई 2022 में पुणे से और पत्नी रामलली को भी 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
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अदालती कार्यवाही: पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कुल 895 दिनों तक चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने 8 मजबूत गवाह पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने गुरुवार को इन्हें दोषी माना था और शुक्रवार को सजा का ऐलान किया।
फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में रोने लगीं सास-बहू
बृहस्पतिवार को दोषी करार दिए जाने के बाद ही रामलली और रूपा मिश्रा को हिरासत में ले लिया गया था। शुक्रवार को जब सजा का ऐलान हुआ, तो कोर्ट रूम में मौजूद रामलली और रूपा मिश्रा फूट-फूटकर रोने लगीं। वहां मौजूद रूपा की 12 साल की मासूम बेटी भी अपनी मां और दादी को रोता देख बिलख पड़ी। फिलहाल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए विजय मिश्रा आगरा जेल में और विष्णु मिश्रा लखीमपुर खीरी जेल में बंद हैं, जबकि सास-बहू (रामलली और रूपा) को भदोही जिला कारागार भेज दिया गया है।
विजय मिश्रा का आपराधिक इतिहास: सजाओं का ‘काउंडाउन’
बाहुबली विजय मिश्रा को पिछले कुछ समय में अलग-अलग अदालतों से लगातार सजाएं मिल रही हैं:
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15 मई 2026: संपत्ति और माइनिंग फर्म हड़पने के केस में 10 साल की कैद।
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13 मई 2026 (दो दिन पहले): प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट ने कुख्यात कचहरी हत्याकांड में आजीवन कारावास (Umarqaid) की सजा सुनाई।
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4 नवंबर 2023: एक गायिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Rape) के मामले में 15 साल की जेल।
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मार्च 2023: अवैध हथियारों के मामले में (आर्म्स एक्ट) 5 साल की सजा।
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13 जून 2024: चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में 1 महीने की साधारण जेल।
नोट: अदालत के आदेशानुसार, दोषियों को मिलीं ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

