राजयोग केंद्र में दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोज
कटनी -धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों के अनुसार वास्तविक सफलता वही है जहां व्यक्ति अपने परिवार समाज और धर्म के प्रति कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए धनार्जन करें । धन कमाने के साथ-साथ आध्यात्मिक और परिवार की पालना जीवन में संतुलन बनाए रखता है भौतिक सुविधाओं के लिए धन कमाना जितना आवश्यक है उतना ही जरूरी मन की शांति के लिए आध्यात्मिकता और अपनों के प्रति जिम्मेदारियां को निभाना है जीवन में आध्यात्मिकता हमें सही और गलत का भेद सिखाती है मानसिक शांति प्रदान करती है इसलिए 24 घंटे में से कुछ क्षण मेडिटेशन का अभ्यास कर उस परमपिता शिव बाबा की याद में रहना चाहिए ।
उक्त आशय के विचार सिविल लाइन स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय आध्यात्मिक कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित प्रकृति पति शिव बाबा के मेडिटेशन कक्ष का उद्घाटन करते समय माउंट आबू राजस्थान से आए जगदीश भाई ने कहीं ।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस ब्रह्माकुमारीज संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती मां के 61 वां स्मृति दिवस पर बी के दुर्गा बहन द्वारा उनके चित्र समक्ष भोग अर्पित कर मुरली सत्संग क्लास का कराई गई तत्पश्चात सभी भाई बहनों द्वारा मम्मा के तेल चित्र समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित कर पुष्पांजलि दीं गई और उनकी याद में ब्रह्म मुहूर्त से पूर्वाह्न तक योग तपस्या का दौर जारी रहा । राजयोग केंद्र संचालिका बीके लक्ष्मी बहन ने मम्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की मम्मा बचपन से ही प्रतिभाशाली अनुशासित और आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थी ब्रह्मा बाबा से प्राप्त ईश्वरीय ज्ञान को वे तुरंत अपने जीवन में धारण कर लेती थी और उसी के अनुरूप आचरण करती थी । मम्मा का जीवन तपस्या सादगी और पवित्रता का प्रतीक था उन्होंने अपने दिव्य संस्कारों से कई लोगों के जीवन को ईश्वरीय ज्ञान से प्रकाशित किया । अंत में सभी को ईश्वरीय भोग प्रदान किया गया । दूसरे दिवस प्रकृति पति शिव बाबा के मेडिटेशन कक्ष के उद्घाटन का शुभारंभ माउंट आबू राजस्थान से आए बी के जगदीश भाई, बीके प्रताप भाई द्वारा रिबन काटकर किया गया । बीके जगदीश भाई ने अपने उद्बोधन में कहा की प्रकृति का जो परिवर्तन हो रहा है वह इसलिए हो रहा है क्योंकि हम आध्यात्मिकता से दूर होते जा रहे हैं जीवन को सरल और संतुष्ट करना ही आध्यात्मिकता है हम मुस्कुरा कर और श्रेष्ठ संकल्प का दान दें आध्यात्मिक माने यह नही कि हम संन्यास ले इस धरा पर रहते हुए भी हम सन्यास मार्ग के गुण अपना सकते हैं । अपने जीवन को सुखमय और तनाव मुक्त बना सकते हैं । महापौर श्रीमती प्रीति सूरी,पूर्व पार्षद और एल्डरमैन श्रीमती शिल्पी सोनी, राष्ट्रीय कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री सौम्या रांधेलिया, उपभोक्ता फोरम की प्रीति सेन, छत्तीसगढ़ राजिम से पुष्पा दीदी शहडोल से नलिनी दीदी, कथावाचक राजयोगिनी बीके भारती बहन, वयोवृद्ध भाई शालिग्राम शर्मा, डा. सुब्बाराव, प्रकाश भोमिया, नीमा भाई, जीनू भाई, रवि ग्रोवर, रेखा ग्रोवर द्वारा दीप प्रज्वलित कर नवनिर्मित मेडिटेशन कक्ष की शुभकामनाएं उद्बोधन व्यक्त किए गए । शिल्पी सोनी द्वारा जगदीश भाई के अभिनंदन पत्र को पढ़ कर सुनाया गया । कार्यक्रम का संचालन जबलपुर के प्रकाश भाई द्वारा किया गया ।कार्यक्रम के अंत में सभी को ब्रह्मा भोजन कराया गया ।
