पहली बारिश में भर गया बड़ारी का अंडर ब्रिज,रेल्वे की मनमानी का नतीजा, ग्रामीणों के आक्रोश,बनना चाहिए था ओवर ब्रिज, बना दिया अंडर ब्रिज, ओवर ब्रिज बनाने की उठी मांग
पहली बारिश में भर गया बड़ारी का अंडर ब्रिज,रेल्वे की मनमानी का नतीजा, ग्रामीणों के आक्रोश,बनना चाहिए था ओवर ब्रिज, बना दिया अंडर ब्रिज, ओवर ब्रिज बनाने की उठी मां
कैमोर – झुकेही कैमोर मार्ग पर ग्राम बड़ारी में इस बर्ष रेल्वे ने अंडर ब्रिज का निर्माण किया है , पहले यहां गेट था जिसे अंडर ब्रिज निर्माण के बाद बंद कर दिया है
पहली बारिश में सिर्फ 10 मिनट पानी गिरने पर अंडर ब्रिज भर गया , जिससे दोपहिया , साइकिल चालकों एवं राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ा, अंडरब्रिज में पानी भरने से दर्जन भर से ऊपर दोपहिया सवार फिसलकर गिर गये
पहाड़ का विशाल नाला बारिश में जिस रेल्वे पुलिया से बहता था उसी पुलिया में बिना भौगौलिक स्थिति देखें रेल्वे ने अंडर ब्रिज बना दिया , पानी बहने के लिए दोनों तरफ जमीन ऊंची होने की बजह से अंडरब्रिज का पानी था हुआ है ,
हालांकि रेल्वे ने ड्रेनेज बनाया है लेकिन ड्रेनेज का पानी निकलने के लिए जमीन का लेवल नीचे ना हो के कारण ड्रेनेज में भी पानी भरा हुआ है
ग्रामीणों का कहना है कि कैमोर से झुकेही के मध्य भारी वाहनों का आवागमन बहुत होता है , इस स्थिति में इस मेन रोड में गलत डिजाइन और बिना सर्वे किए बनाऐ गये व
संकरे अंडर ब्रिज से आवागमन प्रभावित हुआ है , इससे बेहतर तो रेल फाटक ही था ,
बडा़री में रेल्वे साइडिंग है जिसमें आये दिन रैक लोडिंग होती है , सैंकड़ों डम्फरों से पत्थर गिट्टी की शिफ्टिंग होती है , ओवर लोड वाहनों का मटेरियल अंडर ब्रिज में गिरने से धूल का गुबार उठता है जिससे सामने कुछ दिखता नहीं है
भाजपा मंडल कैमोर के मंडल उपाध्यक्ष एवं बडा़री निवासी आश्चर्य तिवारी ने ब्रिज निर्माण के दौर घटिया निर्माण और गलत डिजाइन की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की थी , आश्चर्य तिवारी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को 5 बार शिकायत की लेकिन डी आर एम जबलपुर कार्यालय से शिकायत पर निराकरण दर्ज करके शिकायत बंद कर दी जाती है ,
उन्होंने मांग की है कि बारिश में अगर यह ब्रिज पानी से भर जायेगा तो 4 माह के लिए रेल्वे अंडर ब्रिज बंद करके रेल फाटक को पुनः खोले , इस अंडर ब्रिज की उच्च स्तरीय जांच करते हुए इसे बंद करके भविष्य के लिए ओवर ब्रिज बनाया जाये