जब…कलेक्टर बने ‘गुरुजी’: फाइलों से निकलकर बच्चों के बीच पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी; चॉकलेट बांटी और समझाया लीप वर्ष का गणित

जब...कलेक्टर बने ‘गुरुजी’: फाइलों से निकलकर बच्चों के बीच पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी; चॉकलेट बांटी और समझाया लीप वर्ष का गणित

जब…कलेक्टर बने ‘गुरुजी’: फाइलों से निकलकर बच्चों के बीच पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी; चॉकलेट बांटी और समझाया लीप वर्ष का गणित

कटनी। व्यस्ततम शासकीय जिम्मेदारियों, बैठकों और फाइलों के बोझ से निकलकर जब जिले का मुखिया खुद बच्चों के बीच ‘गुरुजी’ की भूमिका में आ जाए, तो नजारा वाकई अद्भुत हो जाता है। कटनी के कलेक्ट्रेट दफ्तर से निकलकर जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी शासकीय माध्यमिक शाला रॉबर्ट लाइन (माधवनगर) पहुंचे, तो विद्यालय का माहौल पूरी तरह आत्मीय और ऊर्जा से भर गया।

मौका था ‘स्कूल चलें हम अभियान’ के अंतर्गत आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का, जहां कलेक्टर ने एक कड़क अधिकारी नहीं, बल्कि बच्चों के प्यारे शिक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।

“बड़े होकर क्या बनोगे?” – जब बच्चों ने साझा किए अपने सपने

कक्षा में बच्चों के साथ बेंच पर बैठकर कलेक्टर श्री तिवारी ने बेहद दोस्ताना अंदाज में संवाद शुरू किया। उन्होंने जब बच्चों से पूछा कि “बड़े होकर आप क्या बनना चाहते हैं?”, तो बच्चों ने भी पूरे उत्साह से जवाब दिया:

 विज्ञान और सामान्य ज्ञान को बनाया मजेदार; समझाया ‘लीप वर्ष’

कलेक्टर ने बच्चों की क्लास लेते हुए शिक्षा को बोझिल बनाने के बजाय बेहद रोचक अंदाज में पढ़ाया:

 हॉस्टल का औचक निरीक्षण और ‘एक पेड़ मां के नाम’

स्कूल में बच्चों को नियमित आने की सीख देने के बाद कलेक्टर का काफिला सीधे रॉबर्ट लाइन स्थित बालक छात्रावास (Hostel) पहुंचा:

 100 से अधिक अधिकारियों ने संभाली कमान

इस विशेष अभियान के तहत सिर्फ कलेक्टर ही नहीं, बल्कि जिले के 100 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग स्कूलों में जाकर प्रेरक की भूमिका निभाई। रॉबर्ट लाइन स्कूल में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सच्चिदानंद पांडे, डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी, सहायक संचालक राजेश अग्रहरि और एडीपीसी अभय जैन सहित स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।

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