कोलकाता गोदाम हादसा: तारातला में मलबे से अब तक 9 शव बरामद, 22 मजदूरों के फंसे होने की आशंका; ₹10 लाख मुआवजे का ऐलान

कोलकाता गोदाम हादसा: तारातला में मलबे से अब तक 9 शव बरामद, 22 मजदूरों के फंसे होने की आशंका; ₹10 लाख मुआवजे का ऐलान

कोलकाता गोदाम हादसा: तारातला में मलबे से अब तक 9 शव बरामद, 22 मजदूरों के फंसे होने की आशंका; ₹10 लाख मुआवजे का ऐलान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार (24 मई) को एक निर्माणाधीन गोदाम (वेयरहाउस) की छत गिरने से हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। मलबे के नीचे अभी भी 20 से 22 मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते एनडीआरएफ, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस का संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान (Rescue Operation) युद्धस्तर पर जारी है।

आरोप है कि तीन मंजिला बन रहे इस कमर्शियल वेयरहाउस के निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके चलते छत ढलाई (कास्टिंग) के दौरान ही यह पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

प्रत्यक्षदर्शी की आपबीती: “धमाके जैसी आवाज हुई, अंदर से आ रही थीं चीखें”

हादसे के वक्त मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले स्थानीय दुकानदार सुरिंदर साउ ने इस खौफनाक मंजर की भयावहता बयां की:

“कल दोपहर मैं अपनी दुकान पर था, तभी अचानक बम धमाके जैसी बहुत तेज आवाज आई। मैं भागकर बाहर निकला तो देखा कि सामने बन रहा तीन मंजिला गोदाम जमींदोज हो चुका था। मैंने तुरंत पड़ोसियों की मदद से पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन किया। जब हम मलबे के करीब पहुंचे, तो अंदर से दबे हुए मजदूरों की दर्दनाक चीखें और मदद की पुकारें सुनाई दे रही थीं। यहां रोजाना 50 से ज्यादा लोग काम करते थे, मुझे डर है कि अभी भी 20-22 भाई अंदर फंसे हुए हैं।”

 सरकार का बड़ा एक्शन: मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख का मुआवजा

इस दर्दनाक हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा (सदन) में स्थिति स्पष्ट की और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता (Compensation) की घोषणा की:

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे हर एक जीवन को सुरक्षित बाहर निकालना है।

घटिया निर्माण और लापरवाही का गंभीर आरोप

अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बन रहे इस वेयरहाउस की तीसरी मंजिल पर छत की कास्टिंग (ढलाई) का काम चल रहा था। कंक्रीट के भारी वजन को कमजोर और घटिया पिलर संभाल नहीं सके और पूरी छत नीचे की मंजिलों को तोड़ती हुई गिर गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर और ठेकेदार द्वारा निर्माण में भारी धांधली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। पुलिस ने इस सिलसिले में गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर भारी क्रेन और कटर मशीनों की मदद से कंक्रीट को हटाने का काम लगातार जारी है।

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