मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भिड़े अमेरिका-ईरान; अमेरिकी सेना ने तबाह किए 2 ईरानी तेल टैंकर, दागी गईं मिसाइलें
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भिड़े अमेरिका-ईरान; अमेरिकी सेना ने तबाह किए 2 ईरानी तेल टैंकर, दागी गईं मिसाइलें। दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक बार फिर रणक्षेत्र बन गई है। शनिवार रात अमेरिकी सेना और ईरानी बलों के बीच हुए भीषण संघर्ष में अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमला कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया है। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका गहरा गई है।
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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भिड़े अमेरिका-ईरान; अमेरिकी सेना ने तबाह किए 2 ईरानी तेल टैंकर, दागी गईं मिसाइलें
अमेरिकी ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश में भड़की चिंगारी
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ईरानी टैंकर उस नाकेबंदी (Blockade) को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे, जो अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगा रखी है।
- गोलीबारी: एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, रात भर दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी हुई।
- जवाबी हमला: अमेरिका ने दावा किया कि उसने अपने तीन जहाजों पर होने वाले हमलों को नाकाम किया और होर्मुज में स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार किया।
- UAE पर हमला: इधर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके ऊपर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है।
क्यों बंद है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद से ही ईरान ने इस अहम जलमार्ग को बंद कर रखा है।
- वैश्विक संकट: इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में आग लगी हुई है।
- नाकेबंदी: अप्रैल में शांति वार्ता टूटने के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों को पूरी तरह घेर लिया था, जिसे ईरान अब सैन्य ताकत से चुनौती दे रहा है।
विदेश मंत्रियों के तीखे तेवर
इस घटनाक्रम के बाद कूटनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है:
- मार्को रूबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री): “ईरान अमेरिकी हितों को चुनौती देगा, तो उसे विनाशकारी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
- अब्बास अराघची (ईरानी विदेश मंत्री): “अमेरिकी हमला एक खुली उकसावे वाली कार्रवाई है और यह संघर्षविराम का उल्लंघन है।”
शांति की कोशिश में जुटा पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि उनका देश सीज़फ़ायर को बढ़ाने के लिए दोनों देशों के साथ लगातार संपर्क में है। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम और जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर ईरान किसी भी समझौते के मूड में नजर नहीं आ रहा है।

