बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव अटका: कार्यपरिषद की हरी झंडी के बाद भी सरकार स्तर पर फैसला पेंडिंग; फिलहाल पुराने नाम से ही चलेगा विश्वविद्यालय

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव अटका: कार्यपरिषद की हरी झंडी के बाद भी सरकार स्तर पर फैसला पेंडिंग; फिलहाल पुराने नाम से ही चलेगा विश्वविद्यालय

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव अटका: कार्यपरिषद की हरी झंडी के बाद भी सरकार स्तर पर फैसला पेंडिंग; फिलहाल पुराने नाम से ही चलेगा विश्वविद्यालय

भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (Barkatullah University) का नाम बदलने का बहुप्रतीक्षित और विवादित प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (Executive Council) द्वारा नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी देकर फाइल राज्य सरकार को काफी पहले भेजी जा चुकी है। लेकिन ताजा प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अब तक कोई भी अंतिम या आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

ऐसे में यह साफ हो गया है कि यह मध्य प्रदेश का यह प्रमुख विश्वविद्यालय फिलहाल अपने मौजूदा नाम ‘बरकतउल्ला विश्वविद्यालय’ से ही संचालित होता रहेगा।

शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित है मामला

विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नाम बदलने संबंधी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग और शासन को सौंप दिया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार इस पर जल्द मुहर लगा देगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी इस पर अभी तक कोई कैबिनेट या आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। यही वजह है कि राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों में अब इस मामले को पूरी तरह लंबित (Hold) माना जा रहा है।

छात्रों ने पैदल मार्च निकाल कर सड़क पर दर्ज कराया था विरोध

गौरतलब है कि जब विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया था, तब भोपाल में इसके खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।

इस छात्र विरोध और आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए ही माना जा रहा है कि सरकार फिलहाल इस संवेदनशील मुद्दे पर कदम आगे बढ़ाने से बच रही है और यथास्थिति बनाए रखने के मूड में है।

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