कलेजा कंपा देगी तस्वीर: जन्म के 2 घंटे बाद ही सड़क किनारे फेंका नवजात, नन्हें शरीर पर रेंग रही थीं चींटियां
धार: मध्य प्रदेश के धार जिले के नालछा थाना क्षेत्र से ममता को शर्मसार कर देने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ग्राम बगड़ी फाटा में गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे सड़क किनारे कपड़े में लिपटा एक नवजात बच्चा मिला। कड़कड़ाती धूप और लाचारी के बीच यह मासूम जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। उसके नन्हें से शरीर पर चींटियां रेंग रही थीं और वह खुद को बचाने के लिए सिर्फ रो सकता था।
समय रहते एक कबाड़ बीनने वाले व्यक्ति की नजर उस पर पड़ गई, जिससे इस मासूम की जान बच सकी।
फरिश्ता बनकर पहुंचे भेरु परमार, सरपंच और पुलिस को दी सूचना
मासूम की किस्मत अच्छी थी कि उसकी रोने की आवाज वहां से गुजर रहे एक शख्स तक पहुंच गई:
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भंगार बीनने वाले ने सुनी आवाज: कचरा और भंगार बीनने वाले भेरु परमार जब वहां से गुजर रहे थे, तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज आई। वह तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे।
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कपड़ा हटाया तो दहल गया दिल: भेरु ने जब सड़क किनारे पड़े कपड़े को हटाया, तो उसके भीतर एक नवजात शिशु तड़पता हुआ मिला।
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दौड़ पड़ी पुलिस और ग्रामीण: उन्होंने बिना वक्त गंवाए तत्काल आली गांव के सरपंच राहुल राणा को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में सरपंच, ग्रामीण और नालछा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गए। डायल-112 की मदद से बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल धार ले जाया गया।
जन्म के 2 घंटे बाद ही मरने के लिए छोड़ा, नाल भी नहीं थी कटी
धार जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत आईसीयू (SNCU) में शिफ्ट कर उसका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की जांच में जो बात सामने आई, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया:
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ताजा हुआ था जन्म: प्रारंभिक जांच के अनुसार, बच्चे का जन्म सड़क पर छोड़े जाने से महज 2 घंटे पहले ही हुआ था। बेरहम मां या परिजनों ने जन्म के तुरंत बाद उसकी नाल (Umbilical Cord) तक नहीं काटी और उसे मरने के लिए फेंक दिया।
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कम है वजन: नवजात का वजन 1.740 किलोग्राम है, जो सामान्य से कम है।
डॉक्टर बोले- 72 घंटे का ऑब्जर्वेशन, स्टाफ रख रहा 24 घंटे ध्यान
धार जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मुकुंद बर्मन ने बच्चे की सेहत की जानकारी देते हुए बताया: कलेजा कंपा देगी तस्वीर: जन्म के 2 घंटे बाद ही सड़क किनारे फेंका नवजात, नन्हें शरीर पर रेंग रही थीं चींटियां
“बच्चा जब आया तो उसकी हालत नाजुक थी, वह सुबह तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। अस्पताल का स्टाफ 24 घंटे उसकी देखभाल कर रहा है। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर है, लेकिन उसे 72 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। हमारी कोशिश है कि उसे पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। यदि उसका वजन 2 किलोग्राम से ऊपर हो जाता है, तो खतरे की कोई बात नहीं रहेगी।”
ममता को शर्मसार करने वाले ‘कलयुगी माता-पिता’ की तलाश में पुलिस
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश और दुख का माहौल है। हर कोई उस शख्स को कोस रहा है जिसने इस मासूम को इस तरह तड़पने के लिए छोड़ दिया। नालछा थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के गांवों, प्रसूति केंद्रों और अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हाल ही में किस महिला ने बच्चे को जन्म दिया था।
— धार/नालछा ब्यूरो, विशेष रिपोर्ट
