निगमायुक्त ने घंटाघर एवं रामलीला मैदान के विकास कार्यों का किया निरीक्षण,अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने एवं घंटाघर स्थित कुएं की मरम्मत के दिए निर्देश
निगमायुक्त ने घंटाघर एवं रामलीला मैदान के विकास कार्यों का किया निरीक्षण,अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने एवं घंटाघर स्थित कुएं की मरम्मत के दिए निर्दे
कटनी। नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने गुरुवार को घंटाघर क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण करते हुए घंटाघर के सामने निर्माणाधीन सुलभ कॉम्पलेक्स, रामलीला मैदान एवं रामलीला मंच का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लगभग 64 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय उपयंत्री रवि हनौते, जयेंद्र प्रताप सिंह सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रामलीला मैदान को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान रामलीला मैदान, मंच परिसर तथा उसके आसपास अतिक्रमण एवं लोडर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पाए जाने पर निगमायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अतिक्रमण शाखा को तत्काल प्रभाव से मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगाने के लिए निर्धारित स्थानों पर कंक्रीट के बोलार्ड (पत्थर) लगाने के निर्देश भी दिए। पार्किंग व्यवस्था के स्थायी समाधान के लिए निगमायुक्त ने पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने की बात कही।
गंदगी पर जताई नाराजगी, नोटिस जारी करने के निर्देश
स्थल पर गंदगी पाए जाने पर निगमायुक्त ने संबंधित क्षेत्रीय दारोगा के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने रामलीला मैदान परिसर में खुले में शौच की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी स्वास्थ्य अमले को दिए।
घंटाघर स्थित कुएं की मुंडेर की होगी मरम्मत
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने घंटाघर के नीचे स्थित ऐतिहासिक कुएं का भी अवलोकन किया तथा उसमें उपलब्ध जल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कुएं की क्षतिग्रस्त मुंडेर एवं दीवार की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उनकी सुरक्षा एवं उपयोगिता बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकता है।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास एवं सुधारात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।