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उपेक्षा की शिकार पूर्व केंद्रीय मंत्री की प्रतिमा के अस्तित्व पर भी संकट,बायपास पर बन रहे फ़्लाईओवर के कारण क्षतिग्रस्त होने की कगार पर

उपेक्षा की शिकार पूर्व केंद्रीय मंत्री की प्रतिमा के अस्तित्व पर भी संकट,बायपास पर बन रहे फ़्लाईओवर के कारण क्षतिग्रस्त होने की कगार

कटनी राजा दुबे -लगभग ढाई दशक पहले नए नए तैयार हुए चाका – जुहला शहडोल बायपास मार्ग पर चाका तिराहे में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व माधवराव सिंधिया की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई थी। उन दिनों प्रदेश में दिग्विजयसिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी। कटनी जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के विधायक थे जिनमें बहोरीबंद विधायक श्रवण भाई पटेल और विजयराघवगढ़ विधायक सत्येन्द्र पाठक मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री थे।

 

श्रवण भाई पटेल के पास लोक निर्माण विभाग था साथ ही शहडोल और जबलपुर बायपास को उन्हीं के प्रयासों का नतीजा माना जा रहा था। श्रवण भाई पटेल सिंधिया परिवार के नजदीकी थे। नव निर्मित बायपास का नाम स्व माधवराव सिंधिया के नाम पर रखे जाने और बायपास चौराहे पर स्व सिंधिया की प्रतिमा स्थापित किये जाने का निर्णय भी उन्हीं की मंशा के अनुरूप लिया गया था। स्थापना के बाद प्रतिमा का अनावरण भी तभी हुआ था।

प्रदेश में 2003 तक कांग्रेस सरकार रही तब तक सिंधिया जी की प्रतिमा पर जन्मदिवस और पुण्यतिथि पर बकायदा फूल माला चढ़ती रही। सिंधिया समर्थक कांग्रेस नेताओं ने बराबर प्रतिमा का सम्मान किया। बाद में प्रतिमा उपेक्षित होती गई। धीरे – धीरे प्रतिमा स्थल उजाड़ होता गया। स्थल की बाउंड्रीवाल भी टूट गई। पूरे प्रतिमा स्थल पर बेशरम की झाड़ियां फैल गई।प्रतिमा भी धूल – मिट्टी में सन गई। जब तक स्व सिंधिया के पुत्र वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में रहे तब भी गाहे बगाहे कांग्रेस नेता प्रतिमा की सुध लेने प्रतिमा स्थल पर पहुंच जाते थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में चले जाने के बाद कांग्रेस के नेताओं का मोह भंग हो गया। ज्योतिरादित्य के अलावा उनके पिता की प्रतिमा से भी कांग्रसी दूर – दूर हो गये। कुछ तो बदली राजनैतिक परिस्थितियों ने और कुछ नव निर्माण की स्थिति में सिंधिया जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने वाला भी कोई नहीं रहा।

वर्तमान में तो लग रहा कि अब किसी भी दिन बायपास पर चल रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्य की जेसीबी प्रतिमा को उखाड़ कर कचरे के ढेर में फेंक देगी। निर्माण कार्य के चलते प्रतिमा के चारो ओर बड़े बड़े गड्ढे खोद दिए गए हैं। उखाड़े जाने के बाद प्रतिमा दुबारा स्थापित की जाएगी या इसका नमो निशान भी नहीं रहेगा यह देखना बाकी है।

Rohit Sen

15 वर्षों से प्रिंट एवं डिजीटल मीडिया में कार्य का अनुभव वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में जिला प्रतिनिधि