सोने-चांदी और FD का जमाना बीता-कटनी की गृहिणियां और प्रोफेशनल्स बन रहीं स्मार्ट निवेशक; SIP और शेयर बाजार में बढ़ा रुझान
कटनी: जिले में महिलाओं की वित्तीय सोच में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक रूप से सोने-चांदी, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और घरों की गुल्लक में बचत करने वाली कटनी की गृहिणियां (Housewives) और वर्किंग प्रोफेशनल्स अब स्मार्ट निवेशक बन रही हैं। वित्तीय साक्षरता और डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ कटनी की महिलाएं अब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में बढ़-चढ़कर निवेश कर रही हैं।
कटनी में न केवल नौकरीपेशा महिलाएं (Working Women) और युवा प्रोफेशनल्स, बल्कि स्मार्ट गृहिणियां (Homemakers) और छोटे कारोबार से जुड़ी महिलाएं भी अब पारंपरिक बचत तरीकों को छोड़कर आधुनिक और हाई-रिटर्न वाले वित्तीय साधनों को अपना रही हैं.
बीते 5 सालों में बदला ट्रेंड: SIP, म्यूचुअल फंड और स्टॉक मार्केट बना पहली पसंद
वित्तीय सलाहकारों और मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बीते 5 वर्षों में कटनी में महिला निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है:
-
म्यूचुअल फंड और SIP: महीने के 500 से 1,000 रुपये से शुरू होने वाले सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में गृहिणियां अपनी बचत का एक बड़ा हिस्सा लगा रही हैं.
-
डायरेक्ट इक्विटी व शेयर बाजार: युवा कामकाजी महिलाएं और डिजिटल-साक्षर गृहिणियां मोबाइल ऐप्स के जरिए सीधे शेयर बाजार और ईटीएफ (ETF) में निवेश कर रही हैं.
-
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स: फिनटेक ऐप्स और डिजिटल गोल्ड जैसे स्मार्ट टूल्स ने महिलाओं के लिए वित्तीय बाजारों तक पहुंच को बेहद आसान और पारदर्शी बना दिया है.
महंगाई को पछाड़कर बेहतर रिटर्न हासिल करने की सोच
पारंपरिक बैंक एफडी (FD) और बचत खातों में मिलने वाला ब्याज अक्सर बढ़ती महंगाई दर (Inflation Rate) का मुकाबला करने में असमर्थ साबित होता है.
कटनी की महिलाएं अब इस गणित को बखूबी समझ रही हैं. उनका मानना है कि म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में लंबी अवधि का निवेश न केवल उनके पैसे को सुरक्षित रखता है, बल्कि कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की ताकत से महंगाई को पछाड़ते हुए 12% से 15% तक का शानदार रिटर्न भी प्रदान करता है.
आत्मनिर्भरता और वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Freedom) की ओर कदम
अपनी बचत को सही जगह निवेश करने से महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है. चाहे बच्चों की उच्च शिक्षा का फंड तैयार करना हो, इमरजेंसी फंड बनाना हो या अपने व्यक्तिगत सपनों को पूरा करना हो- कटनी की नारियां अब पुरुषों पर निर्भर रहने के बजाय खुद अपने पोर्टफोलियो की मैनेजर बन रही हैं.
सुनीता शर्मा (गृहणी):
“पहले हम सिर्फ बैंक की एफडी (FD) या सोने-चांदी में ही पैसे जमा करते थे, लेकिन अब माहौल बदल गया है। सही जानकारी और मोबाइल ऐप्स की मदद से अब मैंने हर महीने SIP में छोटा निवेश शुरू किया है। इससे न केवल बचत बढ़ रही है, बल्कि भविष्य के लिए एक अच्छा फंड भी तैयार हो रहा है।
प्रियंका गुप्ता (वर्किंग वुमन):
“आज के समय में वित्तीय स्वतंत्रता बहुत जरूरी है। शुरुआत में शेयर बाज़ार से डर लगता था, लेकिन जब सही स्टडी की और नियमित म्यूचुअल फंड में SIP चालू की, तो समझ आया कि जोखिम को सही प्लानिंग से कंट्रोल किया जा सकता है।
एक्सपर्ट / फाइनेंशियल एडवाइजर के वर्जन (Financial Experts)
रेखा अग्रवाल (फाइनेंशियल कंसलटेंट):
“पिछले कुछ वर्षों में कटनी की महिलाओं में इन्वेस्टमेंट को लेकर जबरदस्त जागरूकता आई है। पहले जहाँ वे सिर्फ पारंपरिक तरीकों पर निर्भर थीं, वहीं अब इक्विटी (Equity) और म्यूचुअल फंड्स में रुचि ले रही हैं। महिलाएं अब अनुशासित तरीके से SIP कर रही हैं, जो लंबी अवधि के लिए बेहतरीन साबित हो रहा है।
-
नेहा दुबे: “बचत करना महिलाओं की आदत में हमेशा से था, लेकिन अब हम सिर्फ बचत नहीं, स्मार्ट इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं।”
-
सीमा जैन: “शेयर बाज़ार अब सिर्फ पुरुषों का क्षेत्र नहीं रहा। सही गाइडेंस के साथ कटनी की महिलाएं भी इसमें अच्छा मुकाम बना रही हैं।
