गन्ना और कपास किसानों की बल्ले-बल्ले! कैबिनेट ने तय की नई FRP, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी खोला खजाना
गन्ना और कपास किसानों की बल्ले-बल्ले! कैबिनेट ने तय की नई FRP, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी खोला खजाना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों, व्यापारियों और तकनीक जगत के लिए बड़े फैसलों की झड़ी लगा दी गई है। सरकार ने ‘कपास कांति मिशन’ से लेकर रेलवे के विस्तार तक कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है।
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गन्ना और कपास किसानों की बल्ले-बल्ले! कैबिनेट ने तय की नई FRP, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी खोला खजाना
1. कपास कांति मिशन: किसानों के लिए ₹5,659 करोड़ का बजट
सरकार ने कपास उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘कपास कांति मिशन’ शुरू करने का फैसला किया है।
- अवधि: 2026-27 से 2030-31 तक।
- लक्ष्य: 2030-31 तक 450 लाख बेल की मांग को पूरा करना।
- फायदा: इससे देश के 32 लाख कपास किसानों को नई तकनीक और रिसर्च का लाभ मिलेगा।
2. गन्ना किसानों को ₹1 लाख करोड़ की राहत
गन्ना किसानों के लिए सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए FRP (Fair and Remunerative Price) तय कर दी है। इस फैसले का कुल वित्तीय प्रभाव करीब ₹1 लाख करोड़ होगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी।
3. रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹23,000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स
रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए तीन बड़ी रेल लाइनों के विस्तार को मंजूरी दी गई है:
- नागदामथुरा लाइन: ₹16,403 करोड़
- गुंटकलवाड़ी लाइन: ₹4,758 करोड़
- बुरहवाल-सीतापुर लाइन: ₹2,276 करोड़
- शिप रिपेयर हब: गुजरात के वडिनार में ₹1,570 करोड़ की लागत से जहाज मरम्मत केंद्र बनेगा।
4. सेमीकंडक्टर: भारत बनेगा ‘चिप हब’
भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी मिली है:
- क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड: ₹3,068 करोड़ का निवेश।
- सूची सेमीकॉन प्रा. लि.: ₹868 करोड़ का निवेश।
5. सुप्रीम कोर्ट का सशक्तिकरण
न्याय व्यवस्था को तेज और बेहतर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के बुनियादी ढांचे और नीतिगत स्तर पर मजबूती देने के लिए भी अहम कदम उठाए गए हैं।

