दिल्ली में सबसे बड़ी हलचल: मोदी कैबिनेट में ‘फेरबदल’ की तैयारी, अमित शाह ने की राष्ट्रपति से मुलाकात; कई बड़े मंत्रियों की छुट्टी, नए चेहरों की होगी एंट्री
नई दिल्ली: देश की राजधानी के सियासी गलियारों में इस समय केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Union Cabinet) में एक बड़े और व्यापक फेरबदल की चर्चाएं चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के ठीक दो दिन बाद, गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की। बैक-टू-बैक हुई इन उच्च स्तरीय मुलाकातों के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले कुछ ही दिनों के भीतर मोदी सरकार अपने मंत्रिमंडल का ‘मिड-टर्म रीसेट’ कर सकती है। इस संभावित फेरबदल में कई बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कई नए और चौंकाने वाले नामों को कैबिनेट में एंट्री मिल सकती है।
संभावित फेरबदल: कौन अंदर, कौन बाहर?
सूत्रों और राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, इस आगामी फेरबदल में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
इन बड़े नामों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी:
- शक्तिकांत दास: आरबीआई (RBI) के पूर्व गवर्नर और पीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी शक्तिकांत दास को सीधे कैबिनेट में बड़ी जगह मिलने की प्रबल संभावना है।
- अनुराग ठाकुर: कद्दावर नेता अनुराग ठाकुर की केंद्रीय कैबिनेट में एक बार फिर धमाकेदार वापसी हो सकती है।
- विष्णु दत्त शर्मा: खजुराहो (मध्य प्रदेश) से सांसद और मजबूत संगठन क्षमता वाले वी.डी. शर्मा को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
- अरुण गोविल: मेरठ से सांसद और प्रख्यात अभिनेता अरुण गोविल को भी नई टीम में जगह दी जा सकती है।
- नीतीश कुमार व जनार्दन सिंह सिग्रीवाल: बिहार से महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और नीतीश कुमार (जेडीयू कोटे से) को भी कैबिनेट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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बदले जा सकते हैं विभाग (Portfolios):
- निर्मला सीतारमण: चर्चा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) की कमान सौंपी जा सकती है।
- मनोहर लाल खट्टर: पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से ऊर्जा (Power) विभाग वापस लिया जा सकता है।
इन्हें दिखाया जा सकता है बाहर का रास्ता:
- सूत्रों की मानें तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
- इसके साथ ही करीब आधा दर्जन राज्य मंत्रियों (MoS) की छुट्टी होने की भी संभावना जताई जा रही है।
सहयोगी दलों और चुनाव वाले राज्यों को साधने की रणनीति
आगामी विधानसभा चुनावों और एनडीए (NDA) के भीतर क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखने के लिए कुछ खास बदलाव तय माने जा रहे हैं:
- शिवसेना (शिंदे गुट) को इनाम: छह सांसदों को एनडीए के पाले में बनाए रखने के लिए शिवसेना को कैबिनेट में बड़ा इनाम मिल सकता है। सांसद श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वहीं, उद्धव गुट छोड़कर आने वाले संजय दीना पाटिल को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि प्रताप राव जाधव से स्वास्थ्य राज्य मंत्री (MoS Health) का पद वापस लिया जा सकता है।
- पंजाब का समीकरण: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) से दलबदल करने वाले नेताओं को पुरस्कृत किया जा सकता है, जिसमें राघव चड्ढा और एलपीयू के अशोक मित्तल के बीच एक सीट पक्की मानी जा रही है। वहीं, रवनीत बिट्टू की जगह आरएसएस (RSS) के कद्दावर नेता तरुण चुघ को लाकर बीजेपी पंजाब चुनावों के लिए बड़ा दांव खेल सकती है।
- उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 की तैयारी: यूपी के कद्दावर नेता और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिसके चलते उन्हें कैबिनेट से मुक्त किया जा सकता है।
दिल्ली में सबसे बड़ी हलचल: मोदी कैबिनेट में ‘फेरबदल’ की तैयारी, अमित शाह ने की राष्ट्रपति से मुलाकात; कई बड़े मंत्रियों की छुट्टी, नए चेहरों की होगी एंट्री
हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे और अमित शाह-पीएम मोदी की राष्ट्रपति से मुलाकातों ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के गलियारों में कुछ बड़ा पक रहा है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी या सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन यह साफ है कि आगामी फेरबदल केवल रूटीन राजनीतिक मैनेजमेंट नहीं, बल्कि भविष्य के चुनावों और गवर्नेंस को मजबूत करने का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक होगा।
