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विश्व एड्स दिवस पर खास:-बीते 6 वर्षों में 14 एचआईवी(एड्स) संक्रमित मरीजों की गई जान, जागरूकता के अभाव में लगातार बढ़ रहे मरीज

47 गर्भवती महिलाओं व 9 बच्चों सहित आधा सैकड़ा से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में

कटनी(YASHBHARAT.COM)। जिले में एचआईवी(एड्स) का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। एचआईवी(एड्स) का बढ़ता संक्रमण धीरे-धीरे गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। पिछले छह वर्षों में सामने आए 335 मामले स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और समाज दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। वर्ष 2020-21 से अब तक एचआईवी(एड्स) से 14 लोगों की जान जा चुकि है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार न मिलने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। वहीं लगातार बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि अभी भी लोगों में जागरूकता की भारी कमी है। असुरक्षित यौन संबंध, लापरवाही और जानकारी का अभाव संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। सबसे ज्यादा चिंता की बात तो यह है कि अब महिलाएं और बच्चे भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। संक्रमित गर्भवती महिलाओं का बढ़ता आंकड़ा समाज और परिवार दोनों के लिए खतरे की घंटी है। मौतों का बढ़ता आंकड़ा बीमारी की भयावहता को और स्पष्ट कर रहा है। अब समय आ गया है कि समाज, स्वास्थ्य विभाग और हर व्यक्ति मिलकर जागरूकता को प्राथमिकता दें। जिले में पिछले छह वर्षों में एचआईवी(एड्स) के 335 मामले सामने आ चुके हैं, जो स्वास्थ्य विभाग और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय हैं। संक्रमण फैलने के मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त या सुई का उपयोग, जागरूकता की कमी और लापरवाही माने जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि संक्रमित लोगों में 131 महिलाएं और 09 बच्चे शामिल हैं। साथ ही 47 गर्भवती महिलाओं में एचआईवी संक्रमण पाया गया है।

संक्रमित गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव

स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं में से अधिकांश के सुरक्षित प्रसव कराकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गर्भावस्था के दौरान विशेष दवाइयां और नवजात को 72 घंटे के भीतर दिए गए उपचार के चलते ये बच्चे संक्रमण से बचाए जा सके। वर्तमान में आधा दर्जन गर्भवती महिलाएं संक्रमण से जूझ रही हैं, जिनकी निगरानी और उपचार जारी है।

साल दर साल बढ़ रहे आंकड़े

पिछले छह वर्षों के आंकड़े पर नजर डालें तो एचआईवी(एड्स) के संक्रमित मरीजों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। साल 2018-19 में 9430 लोगों की जांच हुई। जिसमें 26 लोग संक्रमित पाए गए। इसी प्रकार साल 2019-20 में 10105 लोगों की जांच हुई। जिसमें 25 लोग संक्रमित पाए गए। वहीं साल 2020-21 में 9430 लोगों की जांच हुई। जिसमें 26 लोग संक्रमित पाए गए। इसी तरह साल 2021-22 में 10105 लोगों की जांच हुई। जिसमें 25 लोग संक्रमित पाए गए। इसी प्रकार साल 2022-23 में 11476 लोगों की जांच हुई। जिसमें 40 लोग संक्रमित पाए गए। इसी तरह साल 2023-24 में 12696 लोगों की जांच हुई। जिसमें 42 लोग संक्रमित पाए गए। इसी प्रकार साल 2024-25 में 13912 लोगों की जांच हुई। जिसमें 50 लोग संक्रमित पाए गए। वहीं इस साल 2025-26 में 7416 लोगों की जांच हुई। जिसमें 18 लोग संक्रमित पाए गए।

जिला अस्पताल के मरीजों के आंकड़े पर एक नजर

जिला अस्पताल के आइसीटीसी केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार साल 2020-21 से लेकर अब तक यहां होने वाली जांचों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। 65 हजार 35 लोगों की जांच में 201 लोग एचआईवी(एड्स) संक्रमित पाए गए। जिसमें महिला, पुरुष व बच्चे भी शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार 92 महिलाएं, 75 पुरुष, 6 बच्चे व 28 गर्भवती महिलाएं एचआईवी(एड्स) संक्रमित पाए गए हैं जबकि अब तक 14 लोग एचआईवी(एड्स) संक्रमित होने के बाद अपनी जान गवां चुके हैं।

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