कर्मचारी हितों को लेकर लघु वेतन कर्मचारी संघ ने बनाई आंदोलन की रणनीति, दो महिला पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति
कर्मचारी हितों को लेकर लघु वेतन कर्मचारी संघ ने बनाई आंदोलन की रणनीति, दो महिला पदाधिकारियों की हुई नियुक्त
कटनी। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ, जिला शाखा कटनी की जिला कार्यकारिणी की बैठक रविवार को जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की जानकारी मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल के नवीन निर्देशों के अनुसार अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ प्राप्त करने के लिए सीपीसीटी (CPCT) परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि पूर्व के आदेशों में पदोन्नति के संबंध में इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं था। इसी कारण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश लंबित पड़े हैं।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग में लागू ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी दोहराई गई। इस संबंध में संघ द्वारा पूर्व में मध्य प्रदेश शासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
इसके अलावा आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ का कहना है कि यह श्रम कानूनों एवं मध्य प्रदेश शासन के अवकाश नियमों का उल्लंघन है।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार उग्र आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक के दौरान संगठन का विस्तार करते हुए जमुना महतो को महिला प्रकोष्ठ का जिला उपाध्यक्ष तथा अर्चना सेन को आदिम जाति कल्याण विभाग की विभागीय समिति का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नव-नियुक्त पदाधिकारियों का फूल-माला एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया तथा सभी सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बैठक में उप प्रांताध्यक्ष अजय गौतम, मनोज श्रीवास, कार्यकारी अध्यक्ष राकेश जसूजा, हमीद खान, बाबूलाल अहिरवार, नीलेश पौराणिक, अजीमुद्दीन शाह, हरीश बेन, धर्मेंद्र राज, बालकदास, राकेश पांडेय, प्रदीप रजक, अमर बर्मन सहित संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।