शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा (बगीचा धाम) से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की चपेट में आ गई। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा के भव्य आयोजन के दौरान रविवार दोपहर यह हादसा हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
आइए जानते हैं शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की पूरी घटना और इसके पीछे के घटनाक्रम को:
🔥 शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग: कैसे और कब हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 3:00 से 3:15 बजे के बीच 26 बीघा में फैले विशाल डोम (पंडाल) की ऊपरी छत के पास शॉर्ट सर्किट के कारण स्पार्किंग हुई। देखते ही देखते शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग में घिर गया और पंडाल के कपड़ों ने आग पकड़ ली। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग और पुलिस की मुस्तैदी से शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग पर मात्र 15 से 20 मिनट के भीतर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
⏱️ समय में बदलाव से टला बड़ा हादसा
सामान्य दिनों में कथा दोपहर 3 बजे शुरू होती है, लेकिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दिल्ली जाने के कारण रविवार को कथा का समय बदलकर शाम 5 बजे किया गया था। यही वजह रही कि शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की चपेट में आने के बावजूद पंडाल पूरी तरह खाली था और एक भीषण जनहानि टल गई। आयोजकों ने इसे ईश्वरीय कृपा माना है।
❓ सोशल मीडिया पर उठे सवाल
जैसे ही शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की खबर सोशल मीडिया पर फैली, लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि जो महाराज मंच से लोगों के भविष्य और समस्याओं का पर्चा निकालने का दावा करते हैं, वे शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की इस घटना का पहले से पर्चा क्यों नहीं निकाल सके?
⚠️ प्रशासन की सख्त कार्रवाई और सेफ्टी ऑडिट
शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए आयोजन स्थल की इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जांच (फायर सेफ्टी ऑडिट) शुरू कर दी है। शिवपुरी बागेश्वर धाम कथा आग की इस दुर्घटना के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।













