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शारदेय नवरात्र – पहले दिन मंदिरों में लगी भक्तों की कतार शहर के प्रसिद्ध जालपा माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालूओ की भीड़

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शारदेय नवरात्र – पहले दिन मंदिरों में लगी भक्तों की कतार शहर के प्रसिद्ध जालपा माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालूओ की भीड

कटनी-शारदेय नवरात्र का पावन पर्व आज 22 सितम्बर सोमवार से प्रारंभ हो गया है। सुबह से ही श्रद्धालु मां दुर्गा के मंदिरों में पूजा-अर्चना करने पहुंचे । जयकारों और घंटानाद से वातावरण गुंजायमान हो उठा श्रद्धालुओं ने घर-घर कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आवाहन किया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में श्रद्धालु उपवास रखकर देवी की आराधना करेंगे। मंदिरों में विशेष सजावट और कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है।

धार्मिक मान्यता है कि नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनुष्य को शक्ति, संपन्नता और समृद्धि प्राप्त होती है। पंडित बिहारी चतुर्वेदी के अनुसार नवरात्र व्रत साधक को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। सात्विक जीवनशैली अपनाने और संयमित आचरण से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।

व्रत रखने में यह नियम जरूरी- पंडित बिहारी चतुर्वेदी के अनुसार नवरात्र व्रत केवल आहार नियंत्रण ही नहीं, बल्कि आचरण की पवित्रता का भी प्रतीक है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर ही पूजा करें। प्रतिदिन सुबह-शाम दीप प्रज्वलित करें और माता की आरती करें। व्रत में लहसुन-प्याज, मांसाहार और मदिरा का पूर्ण परित्याग करें। दिनभर में बार-बार जल का सेवन करते रहें। किसी भी प्रकार का छल, कपट, झूठ और अपमानजनक कार्य न करें। गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न-जल दान करना शुभ माना गया है।

इस पूजा विधि से करें मां दुर्गा की आराधना- घर में स्वच्छ स्थान पर माता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें, कलश में जल, सुपारी, आम्रपल्लव व नारियल रखकर स्थापना करें, मां दुर्गा को लाल चुनरी, फूल और सुगंध अर्पित करें, नौ दिन तक दुर्गा सप्तशती, देवी चालीसा या अन्य स्तोत्र का पाठ करें, प्रतिदिन प्रसाद के रूप में फल, मिठाई या सूखे मेवे चढ़ाएं, कन्या पूजन और अष्टमी-नवमी पर भोग अर्पण करना अत्यंत फलदायी होता है।

नगर के मंदिरों में छटा- शहर के प्रमुख शक्तिपीठ जालपा मढ़िया, काली मंदिर, जगदम्बा शक्ति पीठ और बड़ी माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रहीं। मां दुर्गा का विशेष श्रृंगार कर भव्य आरती की गयी जगह-जगह भजन मंडलियों ने देवी गीतों की प्रस्तुति होगी। मंदिरों के बाहर प्रसाद वितरण व जल सेवा भी की गयी। नवरात्र को लेकर नगर की महिलाओं ने गरबा और देवी जागरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। युवतियां पारंपरिक परिधान पहनकर मंदिरों में आराधना करेंगी। युवक उपवास रखते हुए सेवा कार्यों में भाग ले रहे हैं। बाजारों में पूजा सामग्री, चुनरी, नारियल, दीपक और सजावटी सामान की जबरदस्त खरीदारी हो रही है। भक्तों का कहना है कि इस नवरात्र मां दुर्गा से समाज की शांति, परिवार की खुशहाली और देश की समृद्धि की प्रार्थना की जाएगी। श्रद्धालु विश्वास जताते हैं कि मां के आशीर्वाद से सभी कष्टों का निवारण होगा।

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