Tuesday, May 12, 2026
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संजय कपूर संपत्ति विवाद: अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ‘महाभारत’; मां रानी कपूर ने प्रिया सचदेव के दखल पर रोक की मांग की, कोर्ट बोला- यह विवाद महाभारत से भी बड़ा

संजय कपूर संपत्ति विवाद: अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ‘महाभारत’; मां रानी कपूर ने प्रिया सचदेव के दखल पर रोक की मांग की, कोर्ट बोला- यह विवाद महाभारत से भी बड़ा। दिवंगत दिग्गज उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति का कानूनी विवाद अब एक नए मोड़ पर आ गया है। करिश्मा कपूर के पूर्व पति और सोना कॉमस्टार के चेयरमैन रहे संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बहू प्रिया सचदेव कपूर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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संजय कपूर संपत्ति विवाद: अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ‘महाभारत’; मां रानी कपूर ने प्रिया सचदेव के दखल पर रोक की मांग की, कोर्ट बोला- यह विवाद महाभारत से भी बड़ा

ट्रस्ट और बोर्ड मीटिंग पर रार

रानी कपूर ने अपनी अर्जी में मांग की है कि संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव और उनके सहयोगियों को ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ (RK Family Trust) के कामकाज में दखल देने से रोका जाए।

  • बोर्ड मीटिंग पर रोक की मांग: रानी कपूर ने 18 मई को होने वाली ‘रघुवंशी इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ की बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। यह वही कंपनी है जिसके पास कपूर परिवार की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा है।

  • निदेशकों की नियुक्ति का विवाद: रानी कपूर के वकीलों का तर्क है कि इस मीटिंग का मकसद अवैध रूप से अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति करना है, जिससे संपत्ति पर नियंत्रण बदला जा सके।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: “महाभारत भी छोटा लगेगा”

जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे 14 मई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान जज ने इस विवाद की जटिलता को देखते हुए बड़ी टिप्पणी की और कहा, “हम एक ऐसे क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं जहां महाभारत बहुत छोटा लगेगा।” ### ₹30,000 करोड़ की विरासत और कानूनी पेच 12 जून 2025 को यूके में पोलो खेलते समय कार्डियक अरेस्ट से संजय कपूर का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से ही विरासत की जंग जारी है:

  1. दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने पूरी संपत्ति पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया था। यानी इस संपत्ति को न तो बेचा जा सकता है और न ही किसी तीसरे पक्ष को हस्तांतरित किया जा सकता है।

  2. कानूनी उत्तराधिकारी: करीब 30 हजार करोड़ की इस संपत्ति पर मां, पत्नी और बच्चों के दावों के बीच अब सुप्रीम कोर्ट का रुख इस मामले की दिशा तय करेगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि