नवाबों की ‘शाही’ रेल: रामपुर के नवाब ने अपने महल तक बिछवा दी थी 40 KM लंबी निजी रेलवे लाइन; घर के अंदर था स्टेशन, ऐसी थी नवाब हामिद अली खान की नवाबी
नवाबों की ‘शाही’ रेल: रामपुर के नवाब ने अपने महल तक बिछवा दी थी 40 KM लंबी निजी रेलवे लाइन; घर के अंदर था स्टेशन, ऐसी थी नवाब हामिद अली खान की नवाबी। भारतीय रियासतों के वैभव की जब भी बात होती है, तो रामपुर के नवाबों का नाम गर्व से लिया जाता है। अपनी संपन्नता और कला-संस्कृति के लिए मशहूर इस रियासत के नवाबों के शौक इतने ऊंचे थे कि उन्होंने आम परिवहन को भी अपनी निजी सुख-सुविधा का हिस्सा बना लिया था।
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नवाबों की ‘शाही’ रेल: रामपुर के नवाब ने अपने महल तक बिछवा दी थी 40 KM लंबी निजी रेलवे लाइन; घर के अंदर था स्टेशन, ऐसी थी नवाब हामिद अली खान की नवाबी
मिलक से महल तक: 40 किलोमीटर का ‘प्राइवेट’ सफर
रामपुर रियासत के नौवें नवाब हामिद अली खान ने अपनी यात्रा को सुगम और शाही बनाने के लिए एक ऐसा कदम उठाया जो आज के दौर में अकल्पनीय लगता है।
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निजी रेलवे लाइन: नवाब के निर्देश पर मिलक से रामपुर तक करीब 40 किलोमीटर लंबी एक विशेष रेलवे लाइन बिछवाई गई थी।
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सीधे महल में एंट्री: यह पटरी किसी सार्वजनिक स्टेशन पर खत्म होने के बजाय सीधे नवाब के भव्य महल (कोठी खास बाग) के भीतर तक जाती थी।
महल के भीतर अपना ‘निजी रेलवे स्टेशन’
नवाब हामिद अली खान की शान का आलम यह था कि उन्होंने महल परिसर के भीतर ही एक निजी रेलवे स्टेशन बनवाया था।
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शाही स्वागत: जब भी नवाब की ट्रेन महल के भीतर बने स्टेशन पर पहुंचती थी, तो उनका स्वागत किसी भव्य समारोह की तरह होता था।
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अनोखी सुविधा: देश में शायद ही कोई दूसरी ऐसी रियासत रही होगी जहां राजा की सवारी (ट्रेन) सीधे उनके बेडरूम के चंद फासलों तक पहुंचती हो।
रामपुर: सबसे समृद्ध रियासतों में से एक
रामपुर रियासत केवल अपनी निजी रेल के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी विश्वप्रसिद्ध ‘रामपुर रजा लाइब्रेरी’ और हथियारों (रामपुरी चाकू) के लिए भी जानी जाती रही है। नवाब हामिद अली खान को शिक्षा और वास्तुकला का बड़ा संरक्षक माना जाता था, और यह रेलवे लाइन उनकी उसी दूरदर्शी और ठाठ-बाट वाली जीवनशैली का एक हिस्सा थी।

