Site icon Yashbharat.com

Sangaldan Train Jammu and Kashmir: संगलदान-रियासी ट्रैक पर सफलतापूर्वक दौड़ा इंजन, 30 जून को पहली ट्रेन चलने की उम्मीद

sagalthana rayasa taraka ka narakashhanae eb7826db37d9c9b0ba30218896238037

Sangaldan Train Jammu and Kashmir: संगलदान-रियासी ट्रैक पर सफलतापूर्वक दौड़ा इंजन, 30 जून को पहली ट्रेन चलने की उम्मीद है। जम्मू के रियासी जिले के सावलाकोट से चलकर दोपहर तीन बजे इंजन रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। इंजन आने की सूचना पर लोग स्टेशन पर पहुंच गए। जब तक इंजन वहां नहीं पहुंचा लोग इंतजार करते रहे।

जम्मू के रियासी जिले के सावलाकोट से चलकर दोपहर तीन बजे इंजन रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। इंजन आने की सूचना पर लोग स्टेशन पर पहुंच गए। जैसे ही इंजन बक्कल सुरंग पार कर सायरन बजाता हुआ रियासी पहुंचा तो स्टेशन भारत माता की जय से गूंज उठा। इस ट्रैक पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भी बना है।

इस पुल से ट्रेन में बैठकर गुजरने का सपना रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी मिलने के बाद पूरा होगा। सीआरएस डीसी देशवाल का 46 किमी लंबे संगलदान-रियासी ट्रैक के निरीक्षण के लिए 27-28 जून को दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संगलदान से रियासी के बीच पहली ट्रेन को हरी झंडी 30 जून को दिखाए जाने की संभावना है।

निरीक्षण पर निर्भर
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के इस महत्वपूर्ण खंड पर रेल चलना सीआरएस के निरीक्षण पर निर्भर करता है। सीआरएस के निर्धारित निरीक्षण से पहले संगलदान से रियासी तक का काम पूरा हो जाएगा। 272 किमी यूएसबीआरएल परियोजना में से 209 किमी को दो चरणों में शुरू किया गया था। 118 किमी काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्टूबर 2009 में शुरू हुआ।

 

Exit mobile version