Rupee Bounceback: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए ने किया ऐतिहासिक बाउंसबैक, 2 दिन में 70 पैसे की भारी मजबूती; जानें वजह
Rupee Bounceback: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए ने किया ऐतिहासिक बाउंसबैक, 2 दिन में 70 पैसे की भारी मजबूती। वैश्विक दबाव और मंदी के बादलों के बीच भारतीय करेंसी ‘रुपए’ ने इंटरनेशनल मार्केट में जबरदस्त पलटवार किया है। पिछले दिनों रिकॉर्ड गिरावट के साथ 97 के बेहद करीब पहुंच चुके रुपए ने ऐसी रिकवरी दिखाई है कि अमेरिकी डॉलर भी बैकफुट पर आ गया है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे चढ़कर 96.18 के स्तर पर पहुंच गया। अगर गुरुवार की 50 पैसे की ऐतिहासिक तेजी और शुक्रवार की मजबूती को मिला दिया जाए, तो रुपया महज दो दिनों के भीतर 70 पैसे से ज्यादा मजबूत हो चुका है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो आने वाले दिनों में रुपए में 1 रुपये तक की और बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।
रुपए में अचानक आई इस महा-तेजी के 3 बड़े कारण
1. अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान और कच्चे तेल में नरमी
फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के एक सकारात्मक बयान से अंतरराष्ट्रीय बाजारों को बड़ी राहत मिली है। रूबियो ने संकेत दिए कि ईरान की स्थिति से जुड़ी कूटनीतिक बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। इस बयान के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 104 अमेरिकी डॉलर के स्तर के पास कुछ नरम पड़ा, जिससे भारत पर कच्चे तेल के आयात (Import) का दबाव तत्काल कम हो गया।
2. बाजार में आरबीआई (RBI) का कड़ा और सक्रिय दखल
रुपए को टूटने से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार एक्शन मोड में है। करेंसी मार्केट के जानकारों (CR Forex Advisors) के मुताबिक, 26 मई को होने वाली RBI की 5 अरब अमेरिकी डॉलर की ‘खरीद-बिक्री स्वैप नीलामी’ (Dollar-Rupee Swap Auction) को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस कदम से बैंकिंग सिस्टम में रुपए की तरलता (Liquidity) बढ़ेगी और डॉलर की अत्यधिक अस्थिरता पर लगाम लगेगी।
3. डॉलर इंडेक्स में गिरावट
दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.24 पर आ गया। डॉलर का हल्का कमजोर होना भी रुपए के लिए बूस्टर साबित हुआ।
करेंसी से लेकर शेयर बाजार तक… हर तरफ हरियाली
गुरुवार को रुपया अपने अब तक के सबसे निचले बंद स्तर से सुधरकर 96.36 पर बंद हुआ था। वहीं शुक्रवार को इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में यह और मजबूती के साथ 96.30 पर खुला और देखते ही देखते 96.18 के स्तर पर आ गया। रुपए की इस मजबूती का सीधा असर घरेलू शेयर बाजार (Share Market) पर भी देखने को मिला
- सेंसेक्स (Sensex): शुरुआती कारोबार में 332.39 अंक उछलकर 75,507.09 के स्तर पर पहुंच गया।
- निफ्टी (Nifty): 84.60 अंकों की बढ़त के साथ 23,747.40 पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को शुद्ध आधार पर 1,891.21 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू खरीदारों और मजबूत विदेशी मुद्रा नीति ने बाजार को संभाले रखा।
क्या आगे और मजबूत होगा रुपया?
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी संकेत दिए हैं कि सरकार बढ़ते चालू खाता घाटे (CAD) और व्यापार घाटे को नियंत्रित करने के लिए कई कड़े उपायों पर विचार कर रही है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक रुपया 94.80 के स्तर से नीचे लगातार बंद होना शुरू नहीं होता, तब तक भू-राजनीतिक (Geo-political) तनाव मुख्य जोखिम बना रहेगा। लेकिन आरबीआई की मुस्तैदी से यह साफ है कि डॉलर अब रुपए को आसानी से घुटनों पर नहीं ला पाएगा।

