ब्लड बैंक की एलिमा मशीन खराब, बिना जांच के चढ़ा रहे मरीजों को ब्लड,व्हीआईपी मरीजों के लिए जबलपुर भेजा जा रहा जांच सैंपल
ब्लड बैंक की एलिमा मशीन खराब, बिना जांच के चढ़ा रहे मरीजों को ब्लड,व्हीआईपी मरीजों के लिए जबलपुर भेजा जा रहा जांच सैंप
कटनी। जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की हालत इन दिनों बहुत ही खराब है। यहां संसाधनों की कमी के साथ ही मरीजों की जान को भी खतरे में डाला जा रहा है। ब्लड बैंक में बिना एलिमा जांच के ही मरीजों को खून दिया जा रहा है। ऐसे में पता नहीं कितने स्वास्थ्य मरीज संक्रमित हो चुके होंगे। बताया जाता है कि जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में पिछले कुछ दिनों से एलिमा मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में बिना इलाइजा जांच के मरीजों को खून नहीं दिया जा सकता है। लेकिन यहां दिया जा रहा है। वहीं रैपिड किट की भी कमी बनी हुई है। यह भी पता चला है कि जिला अस्पताल आने वाले कुछ व्हीआईपी मरीजों को खून की आवश्यकता होने पर ब्लड सैंपल जांच के लिए सतना भेजा जाता है, फिर वहां से रिपोर्ट आने के बाद खून चढ़ाया जाता है लेकिन गरीब तबके के मरीजों के लिए यह सुविधा नहीं है बल्कि उनको बिना जांच के ही खून दे दिया जाता है। ऐसे में मरीजों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कल ही जिला चिकित्सालय में लगभग 200 यूनिट ब्लड दान किया गया लेकिन एलिमा मशीन खराब होने की वजह से इस खून की जांच नहीं हो पा रही है तथा जांच के लिए सैंपल जबलपुर भेजे जा रहे हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही यहां खून मरीजों को दिया जाएगा लेकिन कई मरीज इतने गंभीर होते हैं कि उनके लिए जबलपुर से रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं किया जा सकता। ऐसे मरीजों को बिना जांच के ही खून चढ़ाया जा रहा है। जिससे आगें चलकर उनके संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।
इसलिए जरुरी है एलिमा जांच
ब्लड बैंक में किसी भी मरीज को खून देने से पूर्व उसे दिए जाने वाले ब्लड का एलिमा टेस्ट होना जरूरी है, ताकि डेंगू, हैपेटाइटिस बी, सी व एचआईवी आदि का पता चल सके। ऐसे में बिना एलिमा जांच मरीज को खून नहीं चढ़ाया जा सकता है। अगर किसी मरीज के हैपेटाइटिस या एचआईवी संक्रमित का खून चढ़ा दिया जाता है तो इसके संक्रमण का पता छह माह बाद चलता है, जब तक संक्रमण बहुत फैल जाता है।
बही इस मामले मे ब्लड बैंक प्रभारी से बात की गयी तो उन्होंने बताया की ब्लड क्रॉस चेक मशीन जिसे एलिमा कहते है जो की पिछले तीन दिन से तकनीकी खराबी आ जाने के कारण बंद है इससे स्टॉफ ओर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है मरीजों को ब्लड चढ़ाने से पहले इस मशीन से ब्लड की जाँच की जाती है की ब्लड मरीज को चढ़ाने योग्य है की नहीं लेकिन पिछले दो तीन दिनों से यह नहीं हो पा रहा तत्काल आवश्यकता वाले मरीजों को जबलपुर ब्लड सेम्पल भेजकर रिपोर्ट का इन्तजार करना पड़ता है जो की ठेका कम्पनी सूर्या के अटेंडर करते है जिसमे काफी समय लग जाता है मशीन खराबी की शिकायत हमारे द्वारा सम्बंधित विभाग मे कर दी है जल्दी ही सुधार हो जायेगा – प्रभारी ब्लड बैंक कटनी

