Medical Marvel: विशाखापत्तनम में डॉक्टरों का कमाल, मरीज के ब्लैडर से निकालीं मुर्गी के अंडे जितनी बड़ी 5 पथरियां
Medical Marvel: विशाखापत्तनम में डॉक्टरों का कमाल, मरीज के ब्लैडर से निकालीं मुर्गी के अंडे जितनी बड़ी 5 पथरियां
विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के शीलनगर स्थित केआईएमएस आइकॉन अस्पताल (KIMS ICON Hospital) के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने पेट दर्द से तड़प रहे एक 50 वर्षीय व्यक्ति के यूरिनरी ब्लैडर (पेशाब की थैली) से एक या दो नहीं, बल्कि मुर्गी के अंडे के आकार की 5 बड़ी-बड़ी पथरियां (Bladder Stones) निकाली हैं। आमतौर पर किडनी या ब्लैडर में छोटे आकार की पथरियां पाई जाती हैं, लेकिन इस मरीज के पेट से निकले पत्थरों का आकार और उनकी संख्या देखकर हर कोई दंग है।
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महीनों से दर्द से तड़प रहा था मरीज, दवाएं भी रहीं बेअसर
मिली जानकारी के अनुसार, अनाकापल्ले जिले के अच्युतपुरम के रहने वाले डी. रामकृष्ण (50 वर्ष) पिछले कई महीनों से पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और पेशाब करने में होने वाली गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। उन्होंने इस बीमारी से राहत पाने के लिए कई स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया और भारी मात्रा में दवाइयां भी लीं, लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया और पेशाब आना लगभग बंद होने लगा, तब परिजन उन्हें बीते 4 मई को इलाज के लिए शीलनगर के केआईएमएस (KIMS) अस्पताल लेकर पहुंचे।
स्कैनिंग रिपोर्ट देखकर उड़े डॉक्टरों के होश
अस्पताल में भर्ती करने के बाद जब डॉक्टरों ने मरीज रामकृष्ण के पेट का एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड स्कैन किया, तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों की टीम भी चौंक गई। उनके ब्लैडर में भारी मात्रा में और बेहद बड़े आकार के कैल्सीफाइड पत्थर जमा थे, जिसके कारण तुरंत ऑपरेशन (Surgery) करने का फैसला लिया गया।डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने इस सफल सर्जरी को अंजाम दिया। ऑपरेशन के बाद जब ब्लैडर से एक-एक कर मुर्गी के अंडे जितनी बड़ी 5 पथरियां बाहर निकाली गईं, तो डॉक्टरों ने राहत की सांस ली।
अब कैसा है मरीज?
KIMS अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और पथरी निकलने के बाद मरीज रामकृष्ण को महीनों पुराने दर्द से तुरंत मुक्ति मिल गई है। फिलहाल मरीज की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉक्टरों ने बताया कि खान-पान में गड़बड़ी, शरीर में पानी की भारी कमी और लंबे समय तक पेशाब रोकने की आदत के चलते ब्लैडर में इस तरह के बड़े स्टोन विकसित हो जाते हैं।

