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Orient Cables IPO Listing: 65% प्रीमियम के साथ बाजार में बंपर एंट्री, लेकिन लिस्टिंग के तुरंत बाद लगा लोअर सर्किट

Orient Cables IPO Listing: 65% प्रीमियम के साथ बाजार में बंपर एंट्री, लेकिन लिस्टिंग के तुरंत बाद लगा लोअर सर्किट

नई दिल्ली: ओरिएंट केबल्स (इंडिया) लिमिटेड के शेयरों ने आज (सोमवार) घरेलू शेयर बाजारों (BSE और NSE) में धमाकेदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर अपने ₹272 के इश्यू प्राइस की तुलना में 65 प्रतिशत से अधिक के शानदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ। हालांकि, लिस्टिंग के तुरंत बाद निवेशकों द्वारा जमकर की गई मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण शेयरों में 10% का लोअर सर्किट लग गया।

बाजार में कैसा रहा लिस्टिंग का प्रदर्शन?

  • BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज): ओरिएंट केबल्स का शेयर इश्यू प्राइस (₹272) की तुलना में 64.74% चढ़कर ₹448.10 पर लिस्ट हुआ।
  • NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज): एनएसई पर शेयर 65.44% की बढ़त के साथ ₹450.00 के भाव पर लिस्ट हुआ।

लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली और लोअर सर्किट:

धांसू लिस्टिंग के ठीक बाद निवेशकों ने प्रॉफिट बुक करना शुरू कर दिया, जिससे शेयर की कीमत में गिरावट दर्ज की गई:

  • BSE पर: सुबह 10:10 बजे शेयर अपने लिस्टिंग प्राइस से ₹44.80 (10.00%) गिरकर ₹403.30 पर लोअर सर्किट में आ गया।
  • NSE पर: एनएसई पर भी शेयर ₹45.00 (10.00%) की गिरावट के साथ ₹405.00 पर लोअर सर्किट में ट्रेड कर रहा था।

IPO को मिला था 92 गुना से अधिक का बंपर रिस्पॉन्स

25 सितंबर से 29 सितंबर के बीच खुले इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और यह कुल 92.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

आईपीओ विवरणआंकड़े/जानकारी
प्राइस बैंड₹258 से ₹272 (फेस वैल्यू: ₹1 प्रति शेयर)
कुल इश्यू साइज़₹552 करोड़ (2,02,94,114 शेयर)
फ्रेश इश्यू₹320 करोड़ (1,17,64,705 नए शेयर)
ओएफएस (OFS)₹232 करोड़ (85,29,409 शेयर)
अलॉटमेंट व क्रेडिटअलॉटमेंट: 30 सितंबर | डीमैट क्रेडिट: 1 अक्टूबर

जुटाए गए फंड का कहाँ होगा इस्तेमाल?

ओरिएंट केबल्स नेटवर्किंग केबल्स और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट के निर्माण में महारत रखती है। यह टेलीकॉम, ब्रॉडबैंड, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन जैसे सेक्टर्स को सेवाएं देती है।

कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए ₹320 करोड़ का इस्तेमाल मुख्य रूप से:

  • नई मशीनरी और उपकरणों की खरीद तथा कैपेक्स (Capital Expenditure) के लिए।
  • मौजूदा बकाए कर्ज का भुगतान या आंशिक पूर्व-भुगतान (Pre-payment) करने के लिए।
  • सामान्य कॉर्पोरेट और कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।

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