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नोएडा: सुपरनोवा सोसायटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुसाइड केस में नए खुलासे, मौत से पहले पिता को भेजे 80 मैसेज

नोएडा: सुपरनोवा सोसायटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुसाइड केस में नए खुलासे, मौत से पहले पिता को भेजे 80 मैसेज

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-94 स्थित आलीशान सुपरनोवा सोसायटी के स्पायरा टावर (कमरा नंबर 4228) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन (36) की खुदकुशी के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में मृतक के मोबाइल से बरामद चैट, कॉल रिकॉर्ड्स और एक वीडियो मैसेज से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

मामले से जुड़े 5 प्रमुख खुलासे:

  1. पिता के 60 मिस्ड कॉल और 80 मैसेज: पुलिस को मोबाइल चैट की जांच से पता चला है कि घटना से ठीक पहले संभव के पिता ने उन्हें करीब 60 बार फोन किया था, लेकिन उन्होंने एक भी कॉल नहीं उठाया। इसके बाद संभव ने पिता को लगातार 80 से ज्यादा मैसेज भेजे, जिनमें कर्ज, बीमारी, पारिवारिक कलह और निजी जिंदगी के तनाव का दर्द बयां था।

  2. “जिंदगी से हार चुका हूँ, बेटे का ध्यान रखना”: मैसेज में संभव ने लिखा कि वह अब जिंदगी से पूरी तरह हार चुके हैं और आगे नहीं जी सकते। उन्होंने अपने पिता से अपने छोटे बेटे का ख्याल रखने की भावुक अपील भी की।

  3. 2 मिनट 40 सेकंड का अंतिम वीडियो: खुदकुशी से ठीक पहले संभव ने अपने फोन में 2 मिनट 40 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मोबाइल को कब्जे में लेकर वीडियो और अन्य डिजिटल डेटा की जांच शुरू कर दी है ताकि घटना के समय की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

  4. 3 करोड़ का कर्ज और निजी जिंदगी का तनाव: शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों से सामने आया है कि संभव पर करीब 3 करोड़ रुपये का कर्ज था।

    • बच्चे का इलाज: समय से पहले जन्म (Pre-mature birth) होने के कारण बच्चे के इलाज में काफी भारी रकम खर्च हुई थी।

    • तलाक और वैवाहिक विवाद: पत्नी के अलग होने के बाद हाल ही में दोनों का तलाक हुआ था, जिसमें सेटलमेंट के तहत करीब 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।

  5. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘शॉक एंड हेमरेज’: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण शॉक एंड हेमरेज (Shock and Hemorrhage) आया है। शनिवार को चेक-आउट से ठीक पहले उनकी मौत हुई थी।

पुलिस का बयान:

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव और बीमारियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और बैंक लेनदेन के दस्तावेजों को मिलाकर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ी जा रही है।

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