Oil Stocks Rally: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही शेयर बाजार में दौड़ीं सरकारी तेल कंपनियां; HPCL, BPCL और IOC के शेयर 6% तक उछले
घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों का सीधा असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (BSE/NSE) पर देखने को मिला। देश की सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज तेल विपणन कंपनियों (OMCs)— HPCL, BPCL और IOC के शेयरों में आज $4\%$ से लेकर $6\%$ तक का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई आंशिक गिरावट और भारत में खुदरा कीमतें बढ़ाए जाने से तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद जागी है, जिससे निवेशकों ने इन शेयरों में जमकर खरीदारी की।
तेल कंपनियों के शेयरों का आज का हाल (Market Status)
सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों के शेयर दिन के उच्चतम स्तर पर कारोबार करते नजर आए:
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HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड): कंपनी का शेयर सबसे आगे दौड़ते हुए $5.86\%$ चढ़कर ₹412.55 के दिन के उच्च स्तर (Day’s High) पर पहुंच गया।
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BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड): इसमें भी शानदार लिवाली देखी गई और शेयर $4.55\%$ की तेजी के साथ ₹309 पर बंद हुआ।
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IOC (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन): देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी का शेयर $4.15\%$ की मजबूती के साथ ₹145.30 के स्तर पर पहुंच गया।
2 हफ्ते में चौथी बार बढ़े दाम, पर कंपनियों को मिली राहत
शेयरों में आई इस तेजी की मुख्य वजह सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में की गई 2.61 रुपये से 2.71 रुपये प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी है।
15 मई से अब तक ₹7.5 महंगा हुआ तेल: बीते 11 से 12 दिनों के भीतर देश में तेल के दाम चौथी बार बढ़ाए गए हैं। इन चारों चरणों को मिलाकर अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। हालांकि इस बढ़ोतरी से आम जनता के बीच महंगाई और माल ढुलाई (परिवहन लागत) बढ़ने की चिंता गहरी हो गई है, लेकिन तेल कंपनियों के रोजाना हो रहे करीब 1,000 करोड़ रुपये के घाटे (Under-recovery) में इससे बड़ी राहत मिलेगी।
देश के 90% ईंधन बाजार पर है इन्हीं तीन कंपनियों का कब्जा
आपको बता दें कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर देश के लगभग $90\%$ ईंधन खुदरा बाजार को नियंत्रित करती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली कोई भी हलचल सीधे इनके वित्तीय नतीजों को प्रभावित करती है।
क्या है अंतरराष्ट्रीय समीकरण?
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$50\%$ महंगा हुआ था कच्चा तेल: विश्लेषकों के अनुसार, फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान में उपजे भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल आपूर्ति ठप होने की आशंका के कारण कच्चा तेल रिकॉर्ड तोड़ते हुए $50\%$ से ज्यादा महंगा हो गया था।
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समझौते की उम्मीद से आई गिरावट: अब वाशिंगटन और तेहरान (अमेरिका-ईरान) के बीच कूटनीतिक बातचीत और संभावित समझौते की उम्मीदों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे से इसी तरह की सकारात्मक खबरें आती रहीं, तो कच्चे तेल के दामों में और गिरावट आएगी, जिससे भारतीय बाजार और तेल कंपनियों को आने वाले दिनों में और मजबूती मिल सकती है। Oil Stocks Rally: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही शेयर बाजार में दौड़ीं सरकारी तेल कंपनियां; HPCL, BPCL और IOC के शेयर 6% तक उछले

